बैतूल , अप्रैल 9 -- मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में इस वर्ष की गई कटौती का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। बैतूल जिले में सामूहिक विवाह के लिए निर्धारित सीमित संख्या के कारण बड़ी संख्या में पात्र जोड़े योजना से वंचित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
प्रशासन ने जिले में चार स्थानों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने की रूपरेखा बनाई है, जिनमें प्रत्येक आयोजन में अधिकतम 200 जोड़ों की ही अनुमति है। इस प्रकार पूरे जिले में केवल 800 जोड़ों का ही विवाह योजना के तहत हो सकेगा, जबकि पिछले वर्षों में यह संख्या कई गुना अधिक रही है।
जनपद पंचायत बैतूल में 26 अप्रैल को प्रस्तावित सामूहिक विवाह के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही लक्ष्य पूरा हो गया। अधिकारियों के अनुसार 7 अप्रैल तक ही 200 आवेदन प्राप्त हो चुके थे, जिसके बाद नए आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। भीमपुर और घोड़ाडोंगरी में भी यही स्थिति बनी हुई है, जबकि मुलताई में सीमित संख्या के कारण असमंजस की स्थिति है।
आवेदन करने पहुंचे लोगों का कहना है कि दस्तावेज तैयार करने और कार्यालयों के चक्कर लगाने में उन्हें 2 से 4 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ा, इसके बावजूद आवेदन स्वीकार नहीं होने से वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। आठनेर क्षेत्र के एक आवेदक ने बताया कि करीब 3 हजार रुपये खर्च करने के बाद भी उसका आवेदन जमा नहीं हो पाया।
एक अनाथ युवती का मामला भी सामने आया, जिसे योजना के तहत विवाह की उम्मीद थी, लेकिन निर्धारित संख्या पूरी होने के कारण उसे भी वापस लौटा दिया गया, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जनपद पंचायत बैतूल की सीईओ शिवानी राय ने बताया कि 200 जोड़ों की सीमा निर्धारित है और यह संख्या पूरी हो चुकी है। हालांकि कुछ अतिरिक्त आवेदन लिए गए हैं, जिन्हें पात्रता जांच के बाद ही शामिल किया जा सकता है, यदि पहले चयनित आवेदकों में कोई अपात्र पाया जाता है।
दरअसल, राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना में कटौती करते हुए इसे केवल बीपीएल परिवारों तक सीमित कर दिया है और प्रत्येक जिले में आयोजनों की संख्या भी घटाकर चार कर दी है। इसके चलते लाभार्थियों की संख्या में करीब 80 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान है।
पिछले वर्ष जिले में 5 हजार से अधिक कन्याओं के विवाह इस योजना के तहत हुए थे, जबकि इस वर्ष अधिकतम 800 विवाह ही प्रस्तावित हैं। योजना के तहत प्रत्येक पात्र कन्या को 49 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, जबकि आयोजन के लिए प्रति जोड़ा 6 हजार रुपये का प्रावधान है।
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