कोरबा , अप्रैल 15 -- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत ग्राम मुढाली में एक दुर्लभ वन्यजीव 'एशियन पाम सिवेट' (बिज्जू) का सफलतापूर्वक मुक्त किया गया। यह जीव पिछले कुछ दिनों से गांव में निर्माणाधीन पानी की टंकी में गिरा हुआ था, जिससे उसकी जान पर खतरा मंडरा रहा था।

जानकारी के अनुसार, हरदीबाजार क्षेत्र के ग्राम मुढाली में ग्रामीणों ने पहले स्वयं प्रयास करते हुए टंकी में सीढ़ी लगाई ताकि जीव बाहर निकल सके लेकिन प्रयास सफल नहीं हो सका। इसके बाद गांव के युवक भूपेंद्र दास ने मामले की सूचना वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम 'नोवा नेचर' के जितेंद्र सारथी को दी।

सूचना मिलते ही मामले से कटघोरा वनमंडल के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) कुमार निशांत को अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर बचाव टीम के सदस्य राजू बर्मन और बबलू मारवा को तत्काल मौके पर रवाना किया गया। टीम ने गांव पहुंचकर करीब एक घंटे तक चले जोखिमपूर्ण बचाव अभियान को अंजाम दिया और अंततः एशियन पाम सिवेट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

एशियन पाम सिवेट को बाहर निकालने के बाद वन विभाग द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए पंचनामा तैयार किया गया तथा उक्त वन्यजीव को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस अभियान में कटघोरा रेंजर शुभम मिश्रा, बिट प्रभारी रज्जन सिंह, परिक्षेत्र सहायक संतोष कुमार रात्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, एशियन पाम सिवेट एक रात्रिचर (नॉक्टर्नल) जीव है, जो मुख्यतः रात में सक्रिय रहता है और दिन के समय सुरक्षित स्थानों या पेड़ों पर विश्राम करता है। यह सर्वाहारी प्राणी है, जो फल, जामुन, कीट-पतंगे और छोटे जीवों का सेवन करता है तथा बीजों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे वन पारिस्थितिकी संतुलन बना रहता है।

उल्लेखनीय है कि एशियन पाम सिवेट को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के अंतर्गत रखा गया है, जिससे इसे उच्चतम स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है।

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