पटना , मार्च 27 -- बिहार के सिवान जिले में ग्रामीण भारत का स्टार्टअप 'कबाड़ मंडी' लोगों को कबाड़ बेचकर पैसे कमाने का मौका दे रहा है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा दे रहा है।
नौतन प्रखंड के खलवां ग्राम पंचायत के मुखिया अमित सिंह ने इस अनोखी पहल की शुरुआत की। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया, जिसके माध्यम से गांववासी घर-घर से निकलने वाले रिसाइकल योग्य कचरे को बेच रहें हैं। यह स्टार्टअप 'असराज स्क्रैप सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड' के नाम से स्टार्टअप इंडिया के तहत रजिस्टर्ड है। मात्र 18 महीनों में पूरे सिवान जिले में सफलता हासिल कर ली है और अब इसका विस्तार गोपालगंज जिले तक हो रहा है।
ऐप के जरिए लोग अपने घर से निकलने वाले कचरे (जैसे प्लास्टिक, बोतल, रैपर आदि) की जानकारी, टाइम और डेट दर्ज कराते हैं। रीसायकल टीम तय समय पर घर पहुंचती है, कचरे का वजन कर उसके अनुसार तुरंत भुगतान कर देती है। इसके बाद कचरा को पंचायत के प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीडब्ल्यूपीयू) और वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (डब्ल्यूपीयू) में अलग कर, रिसाइकल करने के बाद उपयोगी सामान बनाया जाता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित