भरतपुर , फरवरी 20 -- राजस्थान में धौलपुर में जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि जैव चिकित्सा अवशिष्ट के कारण किसी सफाई कर्मचारी को कोई नुकसान होता है तो संबंधित निजी अस्पतालों को इसका परिणाम भुगतना होगा।

जिला कलेक्टर श्रीनिधि बी.टी. ने शुक्रवार को शहर के औचक निरीक्षण के दौरान घंटाघर क्षेत्र में कचरे के ढेर में जैव चिकित्सा अवशिष्ट मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते यह चेतावनी दी।

प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान श्रीनिधि बीटी ने घंटाघर के पास सफाई कर्मचारी को सामान्य कचरे के साथ जैव चिकित्सा अवशिष्ट उठाते हुए देखा तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की और इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए मौके पर ही सफाई कर्मचारियों से जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा और यह भी जाना कि क्या उन्हें इस तरह के कचरे से कोई परेशानी होती है।

कलेक्टर ने घंटाघर रोड स्थित निजी अस्पतालों को कड़ी चेतावनी जारी करके कहा कि जैव चिकित्सा अवशिष्ट का सामान्य कचरे में मिलना एक गंभीर चूक है। श्रीनिधि बीटी ने संबंधित अधिकारियों को जैव चिकित्सा अवशिष्ट के निस्तारण की व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से भी कचरा प्रबंधन के संबंध में बातचीत भी की।

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