फगवाड़ा , फरवरी 02 -- पंजाब के फगवाड़ा में सरकारी स्कूलों में तैनात कंप्यूटर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा कार्ड तैयार करने से संबंधित गैर-शैक्षणिक कार्यों को थोपे जाने के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। इस संबंध में, कंप्यूटर शिक्षक संघर्ष समिति और कंप्यूटर शिक्षक संघ ने संयुक्त रूप से पहल करते हुए सोमवार को एसडीएम के माध्यम से कपूरथला के उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा।

विरोध प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने नियमित सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ और सेवा सुरक्षा से वंचित रखे जाने के बावजूद बार-बार गैर-शैक्षणिक कार्य सौंपे जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर शिक्षकों को अभी भी निजी कंपनियों के कर्मचारियों (पीआईसीटीएस स्टाफ) कीतरह माना जाता है और उन्हें नियमित सेवा लाभों से वंचित रखा जाता है। इसके अलावा, उनके लिए सीएसआर (सिविल सेवा नियम) लागू नहीं किये गये हैं, फिर भी उन्हें शिक्षकों के रूप में उनकी मूल भूमिका से असंबंधित प्रशासनिक और फील्ड कार्यों का बोझ उठाना पड़ता है।

यूनियन नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्कूलों में इस समय पढ़ाई का ज़ोरदार दौर चल रहा है, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां ज़ोरों से जारी हैं और कंप्यूटर विषय की प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी चल रही हैं। ऐसे नाजुक हालात में शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक ज़िम्मेदारियां सौंपना न केवल उनके साथ अन्याय है, बल्कि इससे छात्रों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कंप्यूटर शिक्षकों की प्राथमिक ज़िम्मेदारी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और तकनीकी मार्गदर्शन देना है। उन्हें प्रशासनिक कार्यों में लगाना शिक्षण मानकों और छात्रों के सीखने के परिणामों दोनों से समझौता करता है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि कंप्यूटर शिक्षकों पर थोपी गई ऐसी सभी गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों को तत्काल और पूरी तरह से वापस लिया जाये, ताकि वे पूरी तरह से शैक्षणिक जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

शिक्षक प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन शीघ्र और संतोषजनक समाधान निकालने में विफल रहता है, तो आने वाले दिनों में कंप्यूटर शिक्षक अपना आंदोलन तेज करने के लिए विवश होंगे।

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