हैदराबाद , मार्च 11 -- तेलंगाना की पंचायत राज मंत्री सीताक्का ने अनुसूचित जनजाति समुदायों से अपनी जमीन और जंगल की संपदा की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान करते हुए आरोप लगाया है कि कॉर्पोरेट ताकतें खनन के नाम पर आदिवासी क्षेत्रों को निशाना बना रही हैं।

सुश्री सीताक्का ने बुधवार को गांधी भवन में आदिवासी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनियां जंगल की दौलत और पहाड़ी संसाधनों का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने आदिवासी समुदायों से ऐसी कोशिशों का मिलकर विरोध करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ऐतिहासिक रूप से अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के साथ खड़ी रही है और उनके लिए संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने ही आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए पांचवीं अनुसूची, छठी अनुसूची और पेसा (पीईएसए) कानून जैसे प्रावधान पेश किए थे।

उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय से ही कांग्रेस आदिवासियों के लिए एक सुरक्षा कवच रही है और श्री राहुल गांधी तथा अन्य नेता आदिवासी समुदायों के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि भारत राष्ट्र समिति के शासन के दौरान आदिवासी समुदायों की अनदेखी की गई। उन्होंने दावा किया कि उस समय आदिवासी क्षेत्रों को निशाना बनाया गया और उनके कल्याण पर ध्यान नहीं दिया गया।

सुश्री सीताक्का ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के सहयोग से कॉर्पोरेट समूह आदिवासी क्षेत्रों के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय राज्य सरकार की प्राथमिकता है और वह पंचायत राज मंत्री के रूप में आदिवासी क्षेत्रों और ग्राम पंचायतों में बुनियादी ढांचे और विकास को मजबूत करने के लिए काम करेंगी।

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