भुवनेश्वर , दिसंबर 22 -- ओडिशा सरकार का लक्ष्य 2026 तक राज्य के प्रत्येक जिले में विश्व स्तरीय नैदानिक (डायग्नोस्टिक) सुविधाएं स्थापित करना है। उपमुख्यमंत्री प्रवति परिदा ने यह घोषणा की।
सुश्री परिदा ने 'इमेजिंग और इंटरवेंशनल थेरेपी' पर दो दिवसीय 'सम अल्टीमेट मेडिकेयर मीट समिट-2025' के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए ने कहा कि सरकार 'टेलीमेडिसिन' और 'टेलीरेडियोलॉजी' जैसी डिजिटल तकनीकों को एकीकृत करने की योजना बना रही है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मजबूत सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, "सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उन्नत स्वास्थ्य सेवा शहरी केंद्रों से आगे निकलकर अंतिम छोर तक पहुंचे।"सुश्री परिदा ने कहा कि ध्यान न केवल बुनियादी ढांचे के विस्तार पर है, बल्कि भविष्य के लिए तैयार सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली बनाने पर भी है। उन्होंने 'विजन ओडिशा 2036' के अनुरूप परिणाम-आधारित स्वास्थ्य सेवा की रूपरेखा तैयार की, जिसमें समानता, नवाचार, डिजिटल पहुंच और मानसिक कल्याण को सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने उल्लेख किया कि यह विजन प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय पहलों के अनुरूप है।
सुश्री परिदा ने ओडिशा को उन्नत स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा पर्यटन के लिए एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने में 'सम अल्टीमेट मेडिकेयर' की भूमिका पर प्रकाश डाला, जो पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों के रोगियों को आकर्षित कर रहा है।
सम अल्टीमेट मेडिकेयर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्वेतपद्मा दाश ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि समिट 2025 साक्ष्य-आधारित प्रथाओं और रोगियों को ध्यान में रखकर नवाचार को बढ़ावा देती है।
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