भुवनेश्वर , अप्रैल 02 -- ओडिशा के पुरी जिले में स्थित ओडिया विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी के मद्देनजर राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि कुलपति के पद सहित अन्य रिक्तियों को भरने के लिए एक 'खोज समिति' का गठन कर दिया गया है।

राज्य सरकार ने एक हलफनामे के जरिए ओडिशा उच्च न्यायालय को यह जानकारी दी है। अदालत ने याचिकाकर्ता प्रबीर दास द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर संज्ञान लेते हुए सरकार से जवाब मांगा था।

मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति एम.एस. रमन की खंडपीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए इसकी अगली तारीख 22 अप्रैल तय की है। अदालत ने कहा, "हम इस मामले में याचिकाकर्ता की चिंता से सहमत हैं, क्योंकि देश की आने वाली पीढ़ी को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। आज के दौर में बेहतर शिक्षा बेहद जरूरी है और अपने नागरिकों को यह सुविधा देना राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है।"जनहित याचिका में इस बात पर जोर दिया गया कि ओडिया विश्वविद्यालय अधिनियम, 2017 के तहत भाषा अनुसंधान के लिए सत्याबादी में बने इस संस्थान में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। यह मुद्दा ओडिशा विधानसभा में भी उठाया गया था, लेकिन आश्वासन मिलने के बावजूद असलियत में अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है।

याचिकाकर्ता प्रबीर दास ने उल्लेख किया कि विश्वविद्यालय के छात्र शिक्षा के अपने बुनियादी अधिकार से वंचित हो रहे हैं। अगर उन्हें सही शिक्षा नहीं दी गई, तो इसका असर न केवल छात्रों पर पड़ेगा बल्कि देश के विकास में भी बाधा आएगी।

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