भुवनेश्वर , अप्रैल 25 -- ओडिशा विधानसभा 30 अप्रैल को एक विशेष सत्र का आयोजन करने जा रही है, जिसमें लोकतंत्र में महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
विधानसभा सचिवालय के अनुसार यह सत्र संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत आहूत किया जा रहा है और सभी सदस्यों से इसमें शामिल होने का अनुरोध किया गया है। चर्चा का मुख्य विषय है देश के लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर महिलाओं की भूमिका को मजबूत बनाना।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत की आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग आधी है और इसलिए वे विधायी निकायों में आनुपातिक प्रतिनिधित्व की हकदार हैं। उम्मीद है कि इस सत्र के दौरान यह मुद्दा चर्चा का मुख्य विषय रहेगा।
विधानसभा एक ऐसा प्रस्ताव पारित करने वाली है, जिसमें केंद्र सरकार से 'महिला आरक्षण अधिनियम' को लागू करने का आग्रह किया जाएगा। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभा दोनों के चुनावों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव है।
गौरतलब है कि विपक्षी दलों-कांग्रेस और बीजू जनता दल (बीजद) ने समावेशी राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुलाए गए इस विशेष सत्र के संबंध में राज्य सरकार के निर्णय पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित