भुवनेश्वर , मार्च 05 -- ओडिशा में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बीजू जनता दल(बीजद) के उम्मीदवारों के साथ-साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे ने भी गुरुवार को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया।

सत्तारूढ़ भाजपा ने अपने उम्मीदवार के रूप में मनमोहन सामल और वर्तमान राज्यसभा सदस्य सुजीत कुमार को मैदान में उतारा है, जबकि बीजू जनता दल (बीजद) ने संत्रुप्ता मिश्रा और प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. दत्तेश्वर होता को उम्मीदवार बनाया है। श्री दिलीप रे भाजपा के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।

बीजद उम्मीदवार संत्रुप्ता मिश्रा और डॉ. होता ने आज सुबह नामांकन दाखिल किया। इस दौरान बीजद अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक तथा ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्ता चरण दास सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वहीं दोपहर में भाजपा उम्मीदवार मनमोहन सामल और सुजीत कुमार ने नामांकन पत्र दाखिल किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव और कई मंत्री तथा पार्टी नेता उपस्थित थे।

श्री संत्रुप्ता मिश्रा कॉरपोरेट क्षेत्र से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में आए हैं। ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के पूर्व कुलपति रहे डॉ. दत्तेश्वर होता बीजद और कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।

राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना के अनुसार नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को होगी। उम्मीदवार 9 मार्च तक नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च तक पूरी होने की संभावना है।

ओडिशा से राज्यसभा के चार सदस्यों- श्री सुजीत कुमार और सुश्री ममता मोहंता (भाजपा), तथा श्री निरंजन बिशी और श्री मुन्ना खान (बीजद) का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।

ओडिशा विधानसभा में मौजूदा 147 सदस्यों की संख्या बल के आधार पर भाजपा के दो और बीजद के एक सीट जीतने की संभावना है। भाजपा के पास तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन सहित 79 सीटें हैं, जबकि बीजद के पास 48, कांग्रेस के 14 और माकपा के पास एक सीट है।

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