भुवनेश्वर , दिसंबर 23 -- ओडिशा में प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के 22 भूमिगत माओवादियों ने मंगलवार को मलकानगिरी जिले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
इस घटना को माओवादियों के संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला करने वाले 22 कैडरों में एक मंडल समिति सदस्य (डीवीसीएम) रैंक का वरिष्ठ पदाधिकारी और छह क्षेत्रीय समिति सदस्य (एसीएम) शामिल हैं।
इन माओवादियों ने राज्य के पुलिस महानिदेशक योगेश बहादुर खुराना की मौजूदगी में एक एके-47 राइफल, दो इनसांस राइफल, एक एसएलआर राइफल, तीन 303 राइफल और दो सिंगल-शॉट राइफल,नौ हथियार और अलग-अलग क्षमता के 150 जिंदा कारतूस, 9 मैगजीन, 20 किलो विस्फोटक, 13 विस्फोटक उपकरण, जिलेटिन स्टिक, कोडेक्स वायर, माओवादी साहित्य और अन्य सामान के साथ आत्मसमर्पण किया । पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने हिंसा छोड़ने, चरमपंथियों से सभी संबंध तोड़ने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास जताते हुए मुख्यधारा में शामिल होने का संकल्प लिया।
सुरक्षा बलों के बढ़ते और लगातार दबाव, विचारधारा से मोहभंग, नेतृत्व की कमी, स्थानीय समर्थन की कमी और राज्य सरकार की नयी आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास नीति ने कैडरों को माओवादियों से अपना संबंध तोड़ने के लिए मजबूर किया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "यह फैसला सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति की व्यावहारिक स्वीकृति और विकास, शांति तथा कानून का पालन करने वाले जीवन के पक्ष में हिंसक चरमपंथ का स्पष्ट त्याग दर्शाता है।"ओडिशा सरकार की पुनर्वास नीति के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को उनकी रैंक के आधार पर राशि मिलेगी। मंगलवार को 22 माओवादी कैडरों के हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने पर कुल इनाम राशि 1.84 करोड़ रुपये से अधिक है।
अभी आत्मसमर्पण करने वाले सभी 22 कैडरों को 25- 25 हजार रुपये की अंतरिम राहत दी गई है। सरकारी नीतियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले हर नक्सली को अंत्योदय गृह योजना (एजी) के तहत घर और 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जायेगी।
उन्हें लघु अवधि कौशल विकास कार्यक्रम के लिए भी नामांकित किया जाएगा। अधिकतम 36 महीनों के लिए हर महीने 10,000 रुपये का प्रशिक्षण भत्ता दिया जाएगा। उन्हें इसके अलावा सरकारी नीतियों के तहत स्वास्थ्य कार्ड भी प्रदान दिए जाएंगे।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई), अंत्योदय अन्न योजना या किसी अन्य ऐसी ही नीति के तहत मुफ्त/सब्सिडी वाला राशन दिया जाएगा।
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