भुवनेश्वर , अप्रैल 30 -- ओडिशा के बारीपदा की सतर्कता न्यायालय ने गुरुवार को चार लोगों को बैंक ऋण धोखाधड़ी का दोषी पाया और उन्हें तीन साल की कठोर कारावास की सज़ा सुनाई।

सतर्कता इकाई की बयान के मुताबिक मयूरभंज में रायरांगपुर स्थित बारीपदा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के आशुतोष मोहंती (पूर्व शाखा प्रबंधक, अब सेवामुक्त), कांतिलाल मुगरी (पूर्व मुख्य कार्यकारी, अब सेवानिवृत्त), कृपासिंधु मोहंता (पूर्व अध्यक्ष), और सलिल अग्रवाल (लोन लेने वाला), इन सभी पर ओडिशा के सतर्कता विभाग ने एक मामले में आरोपपत्र दायर की थी। यह मामला ऋण धोखाधड़ी से जुड़ा था, जिसमें 15.58 लाख रुपये से अधिक की सरकारी रकम का गबन किया गया था। इन सभी को भ्रष्टाचार रोधी (पीसी) कानून 1988 की धारा 13(2) आर/डब्ल्यू 13(1)(सी)(जी) और भारतीय दंड संहिता की धारा 418/420/120-बी के तहत बारीपदा के सतर्कता न्यायालय के विशेष न्यायाधीश द्वारा दोषी ठहराया गया।

बयान में कहा गया है कि बैंक के तीन आरोपी अधिकारियों ने ऋण लेने वाले अग्रवाल का पक्ष लिया और जाली दस्तावेज़ों तथा अपर्याप्त सिक्योरिटी के आधार पर उसके नाम पर ऋण की रकम जारी कर दी, जो बैंक की ऋण नीति की शर्तों का उल्लंघन था। न्यायालय ने हर दोषी को तीन साल की कठोर कारावास और 30,000 रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनायी।

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