भुवनेश्वर , मई 01 -- ओडिशा में ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने और बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।

इस प्रमुख कार्यक्रम का उद्घाटन रायगड़ा में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने किया।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-IV) के तहत ओडिशा को आठ जिलों के लिए 1,700 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है। इससे 1,702 किलोमीटर लंबी हर मौसम में चलने लायक पक्की सड़कें बनायी जायेंगी, जो पहले से संपर्क-विहीन 898 गांवों को आपस में जोड़ेंगी। इस कार्यक्रम में कंधमाल, क्योंझर, खुर्दा, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, रायगड़ा और संबलपुर जिले शामिल होंगे।

इस योजना के तहत कुल 827 नयी सड़कें बनायी जायेंगी, जिनकी परियोजना लागत केंद्र और राज्य 60:40 के अनुपात में वहन करेंगे।

श्री माझी ने सभा को संबोधित करते हुये कहा कि ग्रामीण विकास ओडिशा की प्रगति का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कहा कि गांवों को सशक्त बनाये बिना एक समृद्ध राज्य की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुये कहा कि सरकार बेहतर सड़क बुनियादी ढांचे के माध्यम से दूरदराज और संपर्क-विहीन बस्तियों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने रायगड़ा जिले के लिए कई अतिरिक्त विकास पहलों की भी घोषणा की, जिसमें कोलनारा, मुनिगुडा और रायगड़ा ब्लॉकों में 97 करोड़ रुपये की तीन बड़ी पेयजल परियोजनाओं का उद्घाटन शामिल है। इन परियोजनाओं से 98 गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्यगांवों को सिर्फ सड़कों से जोड़ना नहीं है, बल्कि समुदायों को आपस में जोड़ना और लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाना भी है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि बुनियादी ढांचे तक पहुंच के मामले में कोई भी गांव पीछे नहीं छूटेगा।श्री चौहान ने ओडिशा के कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये घोषणा की कि केंद्र राज्य में एकीकृत खेती प्रणालियों का अध्ययन करने और किसानों को धान की खेती के अलावा आय के दूसरे मौकों के बारे में मार्गदर्शन देने के लिये एक वैज्ञानिक टीम भेजेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र का लक्ष्य ओडिशा के कृषि-आधारित गांवों को 'बीज गांव' में बदलना है।

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