भुवनेश्वर , फरवरी 13 -- ओडिशा में अंग संरक्षण (लिंब-सेविंग) उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है।

'सम अल्टीमेट मेडिकेयर' ने अत्याधुनिक जेटस्ट्रीम तकनीक का उपयोग करते हुए घुटने के नीचे उन्नत एंडोवास्कुलर एथेरेक्टॉमी सफलतापूर्वक पूरी की है, जिससे एक मरीज का पैर काटने से बचाया जा सका।

अस्पताल द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह प्रक्रिया न्यूनतम आक्रामक (मिनिमली इनवेसिव) संवहनी उपचार के क्षेत्र में बड़ा कदम है और गंभीर अंग संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। यह जटिल प्रक्रिया इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के कंसल्टेंट डॉ. संबित कुमार पटनायक द्वारा की गई।

मरीज गंभीर 'क्रिटिकल लिम्ब इस्कीमिया'से पीड़ित था, जो घुटने के नीचे की धमनियों में गंभीर अवरोध के कारण उत्पन्न हुआ था। यह स्थिति समय पर उपचार न मिलने पर न भरने वाले घाव, गैंगरीन और अंततः अंग-विच्छेदन का कारण बन सकती है।

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