भुवनेश्वर , फरवरी 02 -- ओडिशा की औद्योगिक विकास की उम्मीदों को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार ने वेदांता एल्युमिनियम को 1,447 एकड़ जमीन दी है। इससे कंपनी के भविष्य में विस्तार का रास्ता साफ होगा और ओडिशा की एक बड़े औद्योगिक केंद्र के तौर पर स्थिति मजबूत होगी।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भारत के सबसे बड़े एल्युमीनियम उत्पादक वेदांता एल्युमीनियम को भूमि आवंटन पत्र सौंपा।

कंपनी के सूत्रों के अनुसार, यह आवंटन एक रणनीतिक समय पर हुआ है, जो मुख्यमंत्री की पश्चिमी ओडिशा यात्रा के साथ मेल खाता है।

इस प्रगति पर प्रतिक्रिया देते हुए वेदांता एल्युमिनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा कि यह आवंटन भारत की एल्युमिनियम यात्रा में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का असर धातु उत्पादन से कहीं ज्यादा होगा। इससे रोजगार पैदा होंगे, स्थानीय कंपनियों को ऊर्जा मिलेगी और ओडिशा में भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक आधार बनेगा।

श्री कुमार ने कहा, "राज्य सरकार की समय पर जमीन आवंटन ने इस जरूरी चरण पर आवश्यक रफ्तार दी है। हम सरकार के सक्रिय समर्थन की तारीफ करते हैं और नये लक्ष्य तथा गति के साथ विकास के अगले चरण में जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"उन्होंने आगे कहा कि आने वाली विकास परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर उत्पादन को समर्थन मिलने और अन्य अवसरों के द्वार खुलने से ओडिशा के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के मजबूत होने की उम्मीद है।

खान मंत्रालय के 'एल्युमीनियम विजन डॉक्यूमेंट (2025)' के अनुसार, वित्त वर्ष 2047 तक भारत में एल्युमीनियम की मांग लगभग छह गुना बढ़कर 3.7 करोड़ टन प्रति वर्ष होने का अनुमान है। इस संदर्भ में श्री कुमार ने कहा कि यह परियोजना भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।

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