भुवनेश्वर , फरवरी 1 -- बीजू जनता दल (बीजद) सुप्रीमो एवं ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026 की कड़ी आलोचना करते हुए इसे राज्य के लिए "अब तक के सबसे निराशाजनक बजटों में से एक" बताया और कहा कि इस बजट में न तो राज्य के लिए कोई उल्लेखनीय लाभ है और न ही वहां की जनता की अपेक्षाओं का ध्यान रखा गया है।
श्री पटनायक ने कहा कि ओडिशा की जनता को तथाकथित "डबल इंजन सरकार" से बड़ी उम्मीदें थीं। लोगों को आशा थी कि बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और राज्य के हक के अनुरूप आवंटन के जरिए विकास को गति मिलेगी, लेकिन इसके बदले राज्य को बहुत कम मिला है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने हालांकि ओडिशा में रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने के प्रस्ताव का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह राज्य कई प्रमुख खनिजों का अग्रणी उत्पादक है और अपने समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों के माध्यम से देश निर्माण में हमेशा अहम योगदान देता रहा है।
राष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए खनिज-समृद्ध क्षेत्रों और औद्योगिक केंद्रों को बंदरगाहों से जोड़ने की घोषणा पर टिप्पणी करते हुए श्री पटनायक ने कहा कि यह प्रस्ताव दस साल पुराना है, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर इसमें कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने प्रमुख शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को "ग्रोथ कनेक्टर्स" के रूप में विकसित करने की योजना में ओडिशा को शामिल न किए जाने को राज्य के लिए बड़ा झटका बताया।
श्री पटनायक ने आरोप लगाया कि ओडिशा प्रदेश भाजपा ने पहले भुवनेश्वर मेट्रो परियोजना को रोक दिया था , जो लोगों की जरूरतों की लगातार अनदेखी एक तरह की उदासीनता को दर्शाती है। उन्होंने इसे "हैरान करने वाला" बताते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण बौद्ध विरासत स्थलों, विशेषकर प्रसिद्ध डायमंड ट्राएंगल, का घर होने के बावजूद ओडिशा को बौद्ध सर्किट विकास योजना से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में ओडिशा के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के लिए तो प्रावधान किए गए हैं, लेकिन राज्य की जनता के कल्याण के लिए पर्याप्त निवेश नहीं किया गया है। उन्होंने राज्य की भाजपा-शासित सरकार से अपील की कि वह केंद्र से ओडिशा के वाजिब हक को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ले और कहा कि प्रदेश की जनता केंद्रीय बजट से इससे कहीं अधिक की हकदार है।
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