भुवनेश्वर , फरवरी 13 -- ओडिशा का पारादीप बंदरगाह वर्ष 2024-25 में 150. 41 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) के रिकॉर्ड कार्गो हैंडलिंग के साथ देश का पहले नंबर का बंदरगाह बन गया है।
289 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) की निर्धारित क्षमता, उद्योग में अग्रणी उत्पादकता और 1,860 करोड़ रुपये के अस्थायी शुद्ध अधिशेष के साथ पारादीप बंदरगाह राष्ट्रीय स्तर पर नए मानक स्थापित कर रहा है। पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण (पीपीए) के अधिकारियों के अनुसार, प्रमुख बंदरगाहों में सबसे कम पोत और कार्गो शुल्क बनाए रखते हुए यह उपलब्धि हासिल की गई है।
शुक्रवार को राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने पारादीप बंदरगाह का दौरा कर संचालन और दीर्घकालिक विस्तार योजनाओं की समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने 2036 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर और 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के साथ ओडिशा के महत्वाकांक्षी आर्थिक रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने निर्यात, जहाज निर्माण और पोर्ट-आधारित विकास के जरिए दोहरे अंकों की वृद्धि पर जोर देते हुए राज्य की समुद्री तटरेखा को रणनीतिक बढ़त बताया।
मुख्य सचिव ने "पारादीप पोर्ट 2.0" विज़न के तहत 500 एमटीपीए से अधिक क्षमता विस्तार, वेस्टर्न डॉक की गहराई बढ़ाने और ग्रीन हाइड्रोजन के लिए समर्पित बर्थ विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में गंजम जिले में प्रस्तावित 150 एमटीपीए क्षमता वाले बहुदा बंदरगाह और केंद्रापड़ा जिले में महानदी के उत्तर में 1.2 मिलियन ग्रॉस टन क्षमता वाले शिपबिल्डिंग एवं शिप रिपेयर क्लस्टर पर भी चर्चा हुई।
ये परियोजनाएं ओडिशा सरकार और पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के संयुक्त विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) के माध्यम से विकसित की जाएंगी, जिससे राज्य की समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पुरी में क्रूज़ टर्मिनल के विकास पर भी विचार-विमर्श हुआ और इसके शीघ्र क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
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