जशपुर , मार्च 23 -- त्तीसगढ जशपुर जिले में गौवंश की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन शंखनाद' के तहत पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। बागबहार थाना क्षेत्र में सक्रिय तस्करों के चंगुल से 12 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया गया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया।

पुलिस से सोमवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि खड़ामाचा से राजाअंबा जंगल के रास्ते कुछ लोग गौवंशों को पैदल हांकते हुए ओडिशा की ओर ले जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर दी। इस दौरान तीन संदिग्धों को दबोच लिया गया, जबकि एक व्यक्ति घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।

पुलिस ने संदिग्धों से गौवंशों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई कागजात पेश नहीं कर सके। इस पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से सभी 12 गौवंशों को बरामद कर लिया। बरामद सभी पशुओं का पशु चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फरसा टोली निवासी तरुण चौहान (45), खड़ामाचा निवासी शोभन नागवंशी (47) और कुकरगांव निवासी सीता राम नागवंशी (42) के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस ने दावा किया है कि उसे शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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