जगदलपुर, दिसंबर 17 -- छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले के कुम्हारपारा क्षेत्र में महारा समाज के तत्वावधान में सनातन धर्म में घर वापसी का कार्यक्रम विधिवत धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुम्हारपारा निवासी घासीराम बेसरा, गीता नेताम, अतुल नेताम एवं रेहान नेताम ने सनातन धर्म में पुनः आस्था व्यक्त करते हुए घर वापसी की। जानकारी के अनुसार ये परिवार पिछले लगभग 20 वर्षों से ईसाई पंथ का अनुसरण कर रहे थे। बजरंग दल के नेताओं ने बुधवार को विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कार्यक्रम के दौरान वैदिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कराई गयी और घर वापसी करने वाले परिवारों का समाज की ओर से स्वागत किया गया। आयोजकों ने इसे सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया। उपस्थित समाजजनों ने कहा कि घर वापसी का उद्देश्य किसी पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि स्वेच्छा से लोगों को उनकी मूल संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है।
महारा समाज के संभागीय अध्यक्ष कन्हैया सोना ने बताया कि समाज द्वारा लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य मतांतरीत परिवारों ने भी स्वेच्छा से सनातन धर्म में लौटने की इच्छा जताई है, जिनके लिए शीघ्र ही विधिवत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनका कहना था कि समाज का प्रयास है कि सभी वर्गों को साथ लेकर सामाजिक एकता को मजबूत किया जाए।
बजरंग दल के जिला संयोजक मुन्ना बजरंगी ने कहा कि सनातन धर्म विश्व की प्राचीनतम आस्था प्रणालियों में से एक है, जो समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित है। घर वापसी के माध्यम से लोग अपनी पारंपरिक पहचान और पूर्वजों की आस्था से पुनः जुड़ रहे हैं। उन्होंने इसे सामाजिक जागरूकता का परिणाम बताया।
इस अवसर पर महारा समाज के संभाग संयोजक विनय सोना, संरक्षक नवल नाग, जिला अध्यक्ष कन्हैया सोना, उपाध्यक्ष घनश्याम नाग, अमित मेहरा सहित बजरंग दल के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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