नयी दिल्ली , अप्रैल 10 -- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गाजियाबाद के मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर, वैशाली में 'क्लोज़ द केयर गैप' थीम पर 11 और 12 अप्रैल को दो दिवसीय राष्ट्रीय ऑन्कोलॉजी (कैंसर) सम्मेलन 'ऑन्को-कॉन 2026' का आयोजन किया जायेगा।

इस सम्मेलन में देशभर से 1,000 से अधिक कैंसर विशेषज्ञों ने भाग लेंगे उपचार और तकनीकी नवाचारों पर चर्चा करेंगे।

इस सम्मेलन में देश में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी पर चिंता जताने के साथ ही जीवन सुरक्षा को लेकर चर्चा की जायेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में 14.26 लाख कैंसर मामले थे, जो 2025 तक बढ़कर लगभग 15.7 लाख हो गए हैं। सम्मेलन में उन्नत तकनीक, विशेषज्ञों की टीम और समग्र देखभाल के माध्यम से कैंसर उपचार को नयी दिशा पर मंथन किया जायेगा ताकि मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

सम्मेलन के मौके पर डॉ. गौरव अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हें। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में अत्याधुनिक तकनीकों जैसे सीएआर टी - सेल थेरेपी, ईडीजीई 4.1 प्रिसिशन रेडियोथेरेपी, रोबोटिक सर्जरी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसे आधुनिक चिकित्सा पर जानकारी के साथ मरीजों को होने लाभ पर चर्चा की जायेगी। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों से जटिल कैंसर का सटीक इलाज संभव हो रहा है और मरीजों की रिकवरी भी तेजी से हो रही है।

डॉ. गोपाल शर्मा ने कहा कि भारत में 60-70 प्रतिशत कैंसर मरीजों का पता एडवांस स्टेज (गंभीर अवस्था) में चलता है, जिससे उपचार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में नई तकनीकें बेहतर परिणाम देने में मददगार साबित हो रही हैं।

डॉ. राजिंदर कौर सग्गू ने बताया कि संस्थान में मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच के तहत हर मरीज के लिए व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है। साथ ही जेनेटिक काउंसलिंग, साइको-सपोर्ट और सर्वाइवरशिप प्रोग्राम जैसी सेवाएं भी दी जाती हैं।

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