भुवनेश्वर , फरवरी 04 -- ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में 5.14 करोड़ रुपये से ज़्यादा के निवेश योजना के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले दो लोगों को गुजरात से गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने कथित तौर पर स्टॉक मार्केट में निवेश पर ज़्यादा ब्याज का वादा करके एक नकली ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए एक पीड़ित को धोखा दिया था। निरीक्षण राजकिशोर बेहरा के नेतृत्व वाली जांच टीम ने लेन-देन का विवरण और दूसरे डिजिटल सबूतों का विस्तार से विश्लेषण करने के बाद आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया। इससे पहले, इसी मामले में असम से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोयानी मिलनभाई और भूपतभाई (31) के रूप में हुई है, जो सूरत शहर का रहने वाला है और फिलहाल गुजरात के भावनगर जिले के पंचटोबरा में रहता है।
पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन समेत कई आपत्तिजनक सामान ज़ब्त किए। दोनों आरोपियों को गरियाधर के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास के सामने पेश किया गया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2), 336(2), 336(3), 338, 340(2), 61(2), 3(5), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66-सी और 66-डी के साथ मामला दर्ज किया गया। वे फिलहाल ट्रांजिट रिमांड पर हैं और उन्हें भुवनेश्वक के एसडीजेएम की अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस ने एक नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए चलाए जा रहे ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया था। जांच के मुताबिक, 17 मार्च, 2025 को अज्ञात साइबर धोखेबाजों ने शिकायतकर्ता से व्हाट्सअप के ज़रिए संपर्क किया और उसे अपने 'इक्विटी हब 41" नाम के एक ग्रुप में जोड़ लिया। धोखेबाजों में से एक ने खुद को व्हार्टन स्कूल का ग्रेजुएट और जेपी मोरगन में पूर्व निधि प्रबंधक बताया, जो कथित तौर पर 60 लाख अमेरिकी डॉलर का निधि प्रबंध कर रहा था। ग्रुप ने मुफ्त स्टॉक मार्केट टिप्स और निफ्टी का प्रतिदिन तकनीकी विश्लेषण दिया, जिससे पीड़ित का भरोसा जीत लिया।
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