जयपुर , अप्रैल 12 -- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर को विकसित राजस्थान के ग्रोथ इंजन का महत्वपूर्ण घटक बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को बुनियादी सुविधाएं एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और राज्य सरकार ने नीतिगत निर्णयों से निवेशकों और उद्यमियों के लिए प्रदेश में अपार संभावनाओं के द्वार खोले हैं।
श्री शर्मा शनिवार रात जयपुर में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित व्यापार राजस्थान-2026 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर राजस्थान की आर्थिक प्रगति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ऑटोमोबाइल डीलर्स से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं जिनमें राज्य में गैर परिवहन वाहनों के अधिकृत वाहन डीलर को जिला परिवहन अधिकारियों की भांति वाहनों के पंजीयन किए जाने की शक्तियां प्रदान की गई हैं। वाहन डीलर द्वारा वाहन के पंजीयन से संबंधित समस्त कार्यवाही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूर्णतया पेपरलेस कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि अधिकृत वाहन डीलर के साथ-साथ राज्य में वाहन निर्माताओं को गैर परिवहन वाहनों के पंजीयन की शक्तियां प्रदान की गई हैं। वाहन डीलरों द्वारा पंजीयन के साथ ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा यूज्ड कार के क्रय-विक्रय का कार्य करते वाले डीलर्स को अधिकृत कर ट्रेड प्रमाण पत्र ऑनलाइन माध्यम से जारी किया जा रहा है। वाहन एवं सारथी पोर्टल पर उपलब्ध 58 सेवाओं में से 53 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पुरानी कारों के लिए भी नीति निर्माण का कार्य किया है। जिसके चलते पुरानी कारों के बाजार को सुव्यवस्थित और विनियमित करने से उपभोक्ता धोखाधड़ी से सुरक्षित रहेंगे। साथ ही राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि शहरों में यातायात की समस्या को देखते हुए ऑटो रिटेल जोन की स्थापना का सुझाव ट्रैफिक प्रबंधन में सहायक होगा और डीलर्स को एक व्यवस्थित व्यापारिक वातावरण प्रदान करेगा। इससे उपभोक्ताओं को भी एक ही स्थान पर सभी वाहन संबंधी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि मोबिलिटी क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, इस बदलते दौर में आयोजन की थीम "गिविंग व्हील्स टू विकसित राजस्थान" सार्थक और प्रेरणादायक है। हमारी सरकार एक कुशल, पारदर्शी और प्रभावी मोबिलिटी रिटेल इकोसिस्टम का निर्माण कर रही है, इससे आने वाले समय में राजस्थान विकसित भारत का अग्रणी राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों से राजस्थान निवेश एवं व्यापार का पसंदीदा केंद्र बनकर उभर रहा है। राइजिंग राजस्थान में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू इस बात का प्रमाण हैं। इनमें से लगभग नौ लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था का ऑटोमोबाइल रिटेल क्षेत्र महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रदेश के हजारों डीलर्स प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार देते हैं। साथ ही, जीएसटी राजस्व संग्रह में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान है।
श्री शर्मा ने कहा कि एसोसिएशन द्वारा मेगा स्किलिंग और रोजगार अभियान का प्रस्ताव राज्य की युवा शक्ति के लिए उपयोगी पहल है। इसमें ऑन-द-जॉब स्किलिंग कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिवर्ष 10 हजार से अधिक डिग्री धारकों को स्थानीय डीलरशिप में प्रशिक्षित और नियुक्त करने का लक्ष्य युवाओं के रोजगार की राह को प्रशस्त करेगा।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार सृजित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। युवाओं को ऑटोमोबाइल डीलरशिप क्षेत्र में उनके गृह जिले में प्रशिक्षण और रोजगार मिलने से उनके उज्ज्वल भविष्य की राह प्रशस्त होगी तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ बनेगी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से राजस्थान निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। कौशल विकास एवं ऑन जॉब ट्रेनिंग मॉडल से युवाओं के बेहतर भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार हो रही है।
कार्यक्रम में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं इस क्षेत्र से जुड़े हितधारक मौजूद थे।
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