चंडीगढ़ , फरवरी 03 -- पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को बताया कि जनवरी 2026 के दौरान राज्य में सकल जीएसटी संग्रह 2452.66 करोड़ रुपये रहा, जबकि शुद्ध जीएसटी संग्रह में जनवरी 2025 की तुलना में 15.7 प्रतिशत की दर से 315 करोड़ रुपये की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गयी।
श्री चीमा ने कहा कि यह उपलब्धि काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जीएसटी 2.0 दर में कटौती के कारण पंजाब को हर महीने लगभग 250 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ा, जिससे धागा, टेक्सटाइल, हॉजरी, फार्मास्यूटिकल्स, बीमा, टायर और सीमेंट जैसे प्रमुख क्षेत्र प्रभावित हुये। इस नुकसान के बावजूद, राज्य ने न केवल राजस्व पर पड़े प्रभाव की भरपाई की, बल्कि निरंतर प्रशासनिक और लागूकरण प्रयासों के माध्यम से राष्ट्रीय रुझान से भी अधिक विकास दर हासिल की।
मंत्री ने कहा कि वर्ष-दर-वर्ष आधार पर (जनवरी 2026 तक), शुद्ध जीएसटी वसूली की दर में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप वसूला गया कुल जीएसटी 19,415 करोड़ रुपये से बढ़कर 22,014 करोड़ रुपये हो गया है। इसी अवधि के दौरान कुल जीएसटी वसूली की दर में भी 13.0 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पंजाब में कर आधार के लचीलेपन को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में एसजीएसटी नकद वसूली के मामले में भी असाधारण प्रदर्शन दर्ज किया गया है, जिसमें 14.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह विकास दर इस महीने के दौरान भारत के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। यह दर राष्ट्रीय औसत लगभग छह प्रतिशत से काफी अधिक है, जिससे पंजाब पूरे भारत में अग्रणी बनकर उभरा है।
मंत्री ने बताया कि केवल जनवरी 2026 के दौरान ही 129 करोड़ रुपये के एसजीएसटी रिफंड जारी किये गये, जबकि महीने में कुल रिफंड किया गया जीएसटी लगभग 300 करोड़ रुपये है। समय पर और नियमित रूप से रिफंड सुनिश्चित करना तथा व्यापक स्तर पर राजस्व जुटाना एक परिपक्व, पारदर्शी और करदाता-अनुकूल कर प्रशासन को दर्शाता है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि प्रवर्तन संबंधी कार्रवाइयों के भी सार्थक परिणाम सामने आये हैं। स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स (एसआईपीयू) ने जनवरी 2026 के दौरान सड़कों पर जांच, निरीक्षण और सत्यापन के माध्यम से आईटीसी चोरी को रोककर और जाली बिलिंग के रुझान को रोककर 200 करोड़रुपये के आंकड़े को पार किया है। इसके साथ ही, वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान प्रवर्तन संबंधी कुल वसूली 1,000 करोड़ रुपये के करीब है, जो अब तक की सबसे अधिक वसूली है, जो स्पष्ट रूप से कर चोरी के खिलाफ तेज और डेटा-आधारित कार्रवाई को दर्शाती है।
मंत्री ने बताया कि जीएसटी 2.0 से संबंधित चुनौतियों के अलावा, पिछले तीन महीनों के दौरान केंद्र द्वारा आईजीएसटी निपटान से लगभग 280 करोड़ रुपये की एकपक्षीय कटौती के कारण पंजाब को और वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ा है।
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