महोबा , मई 10 -- ग्रामीण भारत में वैज्ञानिक शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल के तहत उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के विद्यार्थी अब अंतरराष्ट्रीय खगोलीय अनुसंधान अभियानों से जुड़कर एस्टेरॉइड खोज अभियान का हिस्सा बनेंगे। महोबा के 900 से अधिक विद्यार्थियों ने "ऑल इंडिया एस्टेरॉइड सर्च कैंपेन 2026" के लिए पंजीकरण कराया है, जो विश्व के प्रतिष्ठित छात्र-आधारित अंतरिक्ष अनुसंधान अभियानों में शामिल माना जाता है। जिला प्रशासन और स्पेस इंडिया के संयुक्त प्रयासों से संचालित इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और वास्तविक वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ना है। अभियान को जिला अधिकारी ग़ज़ल भारद्वाज के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सूर्य महोत्सव-2026 के दौरान आयोजित अंतरिक्ष दर्शन कार्यक्रम से विद्यार्थियों में विज्ञान और खगोल विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ी, जिसने अब एक व्यापक वैज्ञानिक जागरूकता अभियान का रूप ले लिया है।

इस अभियान के तहत विद्यार्थी वास्तविक दूरबीनों से प्राप्त खगोलीय आंकड़ों का विश्लेषण करेंगे तथा क्षुद्रग्रहों और पृथ्वी के निकट स्थित खगोलीय पिंडों की पहचान करने का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। उन्हें वही वैज्ञानिक प्रक्रियाएं सिखाई जाएंगी जिनका उपयोग विश्वभर के पेशेवर वैज्ञानिक और शोधकर्ता करते हैं।

जिला प्रशासन का कहना है कि यह पहल ग्रामीण भारत में वैज्ञानिक शिक्षा और शोध-आधारित अधिगम को नई दिशा दे सकती है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तक आधारित ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक अनुसंधान प्रक्रियाओं से जोड़ा जाएगा।

प्रशासन ने महोबा को भविष्य में खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान, एस्ट्रोटूरिज्म और वैज्ञानिक नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने की भी योजना बनाई है। इसी दिशा में जिले में 40 अत्याधुनिक इसरो स्पेस साइंस लैब स्थापित करने की पहल की जा रही है। इन प्रयोगशालाओं में विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह तकनीक, रोबोटिक्स, खगोल विज्ञान तथा वैज्ञानिक अनुसंधान से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

स्पेस इंडिया पिछले 25 वर्षों से देश में एसटीईएम शिक्षा और अंतरिक्ष विज्ञान जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रही है, पिछले 17 वर्षों से अमेरिका स्थित इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल सर्च कोलैबोरेशन के साथ मिलकर ऑल इंडिया एस्टेरॉइड सर्च कैंपेन संचालित कर रही है। इस अभियान के माध्यम से भारतीय विद्यार्थियों ने क्षुद्रग्रह खोज और खगोलीय अवलोकनों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

अभियान के अगले चरण में महोबा के विद्यार्थियों को विशेष वैज्ञानिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे वास्तविक समय में एस्टेरॉइड खोज और खगोलीय अनुसंधान गतिविधियों में भाग लेने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं विश्लेषणात्मक क्षमताएं विकसित कर सकें।

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