भुवनेश्वर , मार्च 26 -- एससीबी अस्पताल अग्निकांड के मुद्दे पर ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के हंगामे के कारण गुरुवार को लगातार नौवें दिन ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही बाधित रही।
गौरतलब है कि 16 मार्च को हुए इस हादसे में 13 लोगों की जान चली गई थी। भारी शोर-शराबे के कारण विधानसभा अध्यक्ष सुरामा पाढी को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। अंततः सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 10:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
प्रश्नकाल शुरू होते ही बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के विधायक हाथों में तख्तियां लेकर सदन के बीचों-बीच (वेल) आ गए और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। अध्यक्ष की बार-बार अपील के बावजूद जब हंगामा शांत नहीं हुआ, तो उन्होंने कार्यवाही स्थगित कर दी।
सदन स्थगित होने के बाद विपक्षी विधायक विधानसभा परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक मार्च कर गए, जहां उन्होंने मृतकों की याद में शोक सभा आयोजित की। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से मृतकों का 11वां दिन मनाया और उनकी आत्मा की शांति के लिए पुष्पांजलि अर्पित की।
विपक्ष ने इस घटना के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग को नैतिक रूप से जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मंत्री के इस्तीफे के साथ-साथ अस्पताल के अधीक्षक के खिलाफ प्रशासनिक लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।
उल्लेखनीय है कि एससीबी अस्पताल के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने के बाद से ही विधानसभा में लगातार गतिरोध बना हुआ है। गतिरोध दूर करने के लिए अध्यक्ष द्वारा पांच बार बुलाई गई सर्वदलीय बैठकें भी बेनतीजा रहीं। बुधवार को विपक्षी सदस्य काले रंग की टी-शर्ट पहनकर विरोध जताने पहुंचे थे।
गुरुवार को शून्यकाल के दौरान भी विरोध जारी रहा और जब आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने नई आबकारी नीति पेश की, तो विपक्षी सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।
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