लखनऊ , दिसंबर 12 -- उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने ऑनलाइन फर्जी जन्म/निवास प्रमाणपत्र बनाकर नेपाल बॉर्डर के आस-पास फर्जी तरीके से आधार कार्ड तैयार करने वाले संगठित गिरोह के मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्त के पास से दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो एटीएम कार्ड, एक आधार कार्ड के अलावा चेक बुक, बायोमेट्रिक स्कैनर, रेटिना स्कैनर, वेब कैमरा, 87 मोबाइल फोन से स्कैन की गई दस्तावेजों की प्रतियां बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपी प्रमोद कुमार मुजफ्फरपुर (बिहार) का निवासी है और वर्तमान में बहराज-नेपाल बॉर्डर इलाके में सक्रिय था। एसटीएफ ने उसे शुक्रवार सुबह रजनवा नेपाल बार्डर थाना मुर्तिहा, बहराइच क्षेत्र से दबोचा है।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि यह गैंग लंबे समय से नेपाल बॉर्डर पर सक्रिय है और फर्जी आधार कार्ड बनवाने के लिए भारतीय नागरिकों की संवेदनशील जानकारी गलत तरीके से जुटा रहा है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने साइबर टीम की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार लोकेशन बदल रहा था और नेपाल भागने की कोशिश में था। पूछताछ में उसने पूरा नेटवर्क, बैंक खातों और भुगतान के तरीकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
एसटीएफ के अनुसार, जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन डिजिटली कुटरचित जन्म/निवास प्रमाणपत्र तैयार कर फर्जी आधार कार्ड बनाने के लिए लोगों से भारी रकम वसूलता था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह प्रति आधार कार्ड 2,000 से 2,500 रुपये लेता था और पिछले तीन महीनों में लगभग 2,000-2,500 आधार कार्ड संशोधन/न्यू आधार कार्ड तैयार कर चुका है।
आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह 18 वर्ष से कम उम्र के कई व्यक्तियों के भी फर्जी दस्तावेज बनवाकर आधार कार्ड बनवा रहा था।
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