देहरादून , फरवरी 02 -- उत्तराखंड पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की साइबर टीम ने साइबर ठगों द्वारा खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए एक 85 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक को डिजिटल अरेस्ट कर लगभग 68 लाख रुपए की ठगी करने वाले राष्ट्रीय गिरोह का सोमवार को भांडा फोड़ कर दिया। गिरोह के मुख्य सरगना भभूताराम पुत्र किशनाराम, निवासी थाना चौहटन आगोर जिला बाड़मेर (राजस्थान) आयु 32 वर्ष को गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 85 वर्ष के वरिष्ठ नागरिक को अज्ञात साइबर ठगों (कथित पुलिस ऑफिसर इंचार्ज संदीप राव एवं इनवेस्टीगेशन ऑफिसर के0 शिवा सुब्रमानी) द्वारा शिकायतकर्ता से व्हाट्सअप कॉल के माध्यम से सम्पर्क कर स्वयं को सीबीआई ऑफिसर बताकर शिकायतकर्ता के आधार कार्ड का दुरुपयोग मनी लॉड्रिंग के केस में होना बता डराया। तत्पश्चात शिकायतकर्ता को डिजिटल अरेस्ट कर करीब 68 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की। उन्होंने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट पर अज्ञात में अभियोग पंजीकृत किया गया। उन्होंने बताया कि प्रकरण की जांच सहायक पुलिस अधीक्षक, आईपीएस कुश मिश्रा के निकट पर्यवेक्षण में और विवेचना निरीक्षक अनिल कुमार के सुपुर्द की गईं।

श्री भुल्लर ने बताया कि विवेचना में शिकायतकर्ता से धोखाधड़ी से ट्रांसफर करायी गयी धनराशि के लाभार्थी खाता धारकों की तकनीकी विश्लेषण में खाता सं0 2401711161389482 एयू स्माल फाइनेंस बैंक का खाता धारक भभूताराम पुत्र किशनाराम, निवासी चौहटन आगोर, जिला बाड़मेर (राजस्थान) प्रकाश में आया। जिसकी तलाश को निरीक्षक अनिल कुमार पुलिस टीम के साथ संबंधित स्थान पहुंचे। जहां से उक्त साइबर ठग को स्थानीय पुलिस एवं मुखबिर के सहयोग से गिरफ्तार किया गया है।

एसटीएफ एसएसपी ने जनता से अपील की है कि अनजान नम्बरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें, न ही कोई सूचना या दस्तावेज दें। यदि कोई आपको पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने को डराये धमकाये तो घबरायें नहीं, क्योंकि कोई भी एजेन्सी ऑनलाईन गिरफ्तार नहीं करती है। उन्होंने जनता को आगाह किया है कि किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों, फर्जी साईट, धनराशि दोगुना करने के प्रलोभनों में न आयें। साथ ही फर्जी निवेश ऑफर जैसे यू ट्यूब लाइक सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि गूगल से कोई भी कस्टमर केयर नम्बर को सर्च न करें। उन्होंने बताया कि तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है। स्कैमर्स वेबसाइट्स और नकली रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं तथा फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं। कम समय में अधिक लाभ के चक्कर में इन्वेस्ट ना करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें ।

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