नयी दिल्ली , अप्रैल 09 -- राष्ट्रीय राजधानी में एसएन मार्ग, अजमेरी गेट पर मानव तस्करी के एक बड़े रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि पुलिस अभियान में आठ महिलाओं को बचाया गया, जिनमें पश्चिम बंगाल की एक 17 साल की नाबालिग लड़की भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार रात को यह छापा मारा गया था। इस दौरान नकदी , विदेशी मुद्रा, नशीले पदार्थ , शराब और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया। यह अभियान एसएन मार्ग इलाके की एक विशेष टीम ने चलाया था। इस अभियान में मध्य जिला ,एफएसएल, अपराध शाखा और गैर सरकारी समूह 'सहयोग केयर फॉर यू' (पश्चिम विहार) की टीमें भी शामिल थीं।
अधिकारियों ने बताया कि यह छापा तब मारा गया जब उन्हें अजमेरी गेट स्थित दुकान नंबर 56, पहली मंज़िल पर अवैध तस्करी की गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी।
पुलिस उपायुक्त (मध्य जिला) रोहित राजबीर सिंह ने बताया, "छापे के दौरान, अधिकारियों को परिसर के अंदर कई लड़कियां और पुरुष मिले। जांच में पता चला कि इस जगह का इस्तेमाल संगठित अनैतिक तस्करी की गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।" उन्होंने बताया कि बचाई गई महिलाओं में पश्चिम बंगाल की एक 17 साल की लड़की भी शामिल थी। उसने बताया कि उसे आलिया उर्फ पिंकी नाम की एक महिला दिल्ली लाई थी और फिर उसे कुमारी और उसके पति राहुल को सौंप दिया था। आरोप है कि यही दोनों इस अवैध धंधे को चला रहे थे।
पुलिस उपायुक्त ने बताया, "दो अन्य लोग गोपी राम परिहार उर्फ सूरज और लुमा कांत पांडे उर्फ मोटू कथित तौर पर नकदी का हिसाब-किताब देख रहे थे और इस धंधे को चलाने में मदद कर रहे थे।" उन्होंने आगे बताया कि बचाई गई सभी लड़कियों की उम्र 17 से 36 साल के बीच थी और वे पश्चिम बंगाल, असम, नेपाल और उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं।
पुलिस ने 1,97,040 रुपये नकद, 118 अमेरिकी डॉलर, 70 नेपाली मुद्रा के नोट (लगभग 740 रुपये), मिश्रित विदेशी मुद्रा, 33 ग्राम गांजा, बीयर की 264 बोतलें और 478 कैन, कंडोम, चाकू, दवाएं, गोल टोकन, लेन-देन की पर्चियां और आठ डायरियां बरामद की हैं। अब तक, दो आरोपियों - गोपी राम परिहार (36) और लुमा कांत पांडे (41) - को गिरफ्तार किया गया है; ये दोनों नेपाल के रहने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि इस मामले के मुख्य आरोपी धर्मेंद्र सिंह उर्फ राहुल और उसकी पत्नी कुमारी अभी भी फरार हैं, और पुलिस ने कहा है कि उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पश्चिम बंगाल, असम और नेपाल से अंतर-राज्यीय तस्करी शामिल है, जो एक ऐसे सुनियोजित नेटवर्क की ओर इशारा करता है जो कमजोर महिलाओं और नाबालिगों का शोषण करता है।
इस मामले में बीएनएस , पॉस्को , आईटीपी, एनडीपीएस और आबकारी अधिनियमों के तहत कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, और टीम द्वारा जांच जारी है।
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