कांकेर , जनवरी 28 -- छत्तीसगढ़ के कांकेर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआरआर) के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
अंजुमन इस्लामिया कमेटी कांकेर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि फॉर्म-7 के माध्यम से फर्जी और भ्रामक आपत्तियां दर्ज कराकर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का प्रयास किया गया है। अपनी इस आपत्ति के बारे में कमेटी ने बुधवार को लिखित में जिला चुनाव अधिकारी को ज्ञापन दिया है।
कमेटी की ओर से जारी लिखित पत्र में दावा किया गया है कि कांकेर शहर के शीतलापारा, श्रीराम नगर, शांति नगर, अघन नगर सहित कई वार्डों में सैकड़ों मतदाताओं के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराई गईं। आरोप है कि इन आपत्तियों में मतदाताओं को अनुपस्थित या स्थायी रूप से स्थानांतरित दर्शाया गया, जबकि संबंधित व्यक्तियों से संपर्क करने पर उन्होंने किसी भी प्रकार का आवेदन न करने की बात कही है। कमेटी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ गंभीर छेड़छाड़ बताया है।
पत्र में एक विशिष्ट मामले का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें ग्राम सरोना के मूल निवासी जाफर मेमन और उनके पूरे परिवार के नाम काटने के लिए फॉर्म-7 में आवेदन दिया गया, जिसे पूरी तरह असत्य बताया गया है। कमेटी ने इस तरह की कार्रवाई को मतदाता सूची की शुचिता के लिए खतरा बताया है।
अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि सभी फॉर्म-7 आवेदनों की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए। साथ ही, संबंधित आवेदकों एवं प्रभावित मतदाताओं को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए जाएं, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। कमेटी ने यह भी आग्रह किया है कि यदि जांच में झूठी जानकारी देने की पुष्टि होती है, तो ऐसे आवेदकों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 31 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित