सहारनपुर , जनवरी 23 -- सहारनपुर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत पहले चरण में 161318 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई थी। अब मतदाताओं को अपना मतपत्र बनवाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चुनाव आयोग द्वारा जो 12 साक्ष्य/दस्तावेज मांगे गए हैं अनेकों के पास उनमें से कोई भी नहीं है। अधूरे कागजात वालों को बीएलओ बैरंग लौटा रहे हैं।

देवबंद में अर्पण बिंदल के बड़े भाई सैंकी बिंदल का वोट तो बना हुआ है लेकिन उनकी माता और पिता दोनों का वोट 2003 की मतदाता सूची में शामिल नहीं था उस दौरान वे दिल्ली में निवास करते थे। अर्पण बिंदल जैसे हजारों मतदाता अपना वोट बनवाने के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं।

अर्पण बिंदल की अभी हाल ही में शादी हुई है। उसके पास पर्याप्त दस्तावेज हैं। उसका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है। विसंगति यह है कि एक ही परिवार के कुछ सदस्यों के वोट बन पा रहे हैं और कुछ उससे महरूम हो रहे हैं। ऐसे मतदाताओं में हिंदुओं की संख्या ज्यादा है जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे बड़े भाजपा नेता चिंता जता चुके हैं। लेकिन अधिकारियों के पास इस मुश्किल से बाहर आने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। अब देखना है कि अंतिम सूची में ऐसे कितने मतदाता मतदाता सूची में शामिल किए जाने से वंचित होते हैं।

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