बीदर , मार्च 14 -- कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को एलपीजी संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला किया और कहा कि यह स्थिति केंद्र सरकार की नीतियों के कारण पैदा हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी केंद्र की "विनाशकारी नीतियों" का परिणाम है।

मीडिया से बातचीत में श्री खरगे ने कहा, "यह संकट भाजपा ने पैदा किया है। यह केंद्र सरकार की बेहद खराब नीतियों का नतीजा है।"श्री खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया कूटनीतिक गतिविधियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री के इज़राइल दौरे की आवश्यकता क्या थी। श्री खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री वहां एक ऐसा पुरस्कार लेने गए जिसका अस्तित्व ही नहीं था और उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर हुए हमले की निंदा भी नहीं की।

उन्होंने केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। श्री खरगे ने कहा, "विदेश मंत्री एस. जयशंकर कहां हैं? पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी कहां हैं? पिछले दस दिनों में चल रहे इस युद्ध पर प्रधानमंत्री ने कितनी बार बात की है?"श्री खरगे ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किए जाने की खबरों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ऐसा कदम उठाया गया है, तो यह खुद इस बात का संकेत है कि आपूर्ति में संकट मौजूद है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने कुछ औद्योगिक मित्रों को खुश करने के लिए देश की विदेश नीति और राष्ट्रीय हितों से समझौता किया है।

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