बेंगलुरु , मार्च 10 -- कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओं ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की संभावित कमी को लेकर उभरती चिंताओं के बीच मंगलवार को केंद्र सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। नेताओं ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की अनुमति नहीं दे रही है, जिसके विरोध में विपक्षी गठबंधन इंडिया गठबंधन के सांसद प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "सरकार को इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करनी चाहिए। जब चर्चा के लिए समय नहीं दिया जा रहा है तो सभी सांसद विरोध कर रहे हैं। आखिर सरकार किस बात से डर रही है?"श्री शिवकुमार ने हाल ही में एलपीजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी की भी आलोचना की और कहा कि यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर की गई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा के किसी सांसद ने आवाज नहीं उठाई।
कर्नाटक की मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर ने कहा कि कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी की खबरों के बाद राज्य सरकार स्थिति पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होते ही यह आशंका हो गई थी कि भारत को डीजल, पेट्रोल और गैस की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने भी केंद्र की विदेश और आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह समस्या घरेलू उपभोक्ताओं को भी प्रभावित कर सकती है। उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें संसद में कहा गया था कि देश के पास ऊर्जा का पर्याप्त भंडार है।
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