नयी दिल्ली , फरवरी 04 -- टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने अपने सभी बोइंग 787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच के दोबारा जांच का काम पूरा कर लिया है और जांच में "कोई समस्या नहीं पाई गयी है"।
एआई 132 की 02 फरवरी को लंदन से बेंगलुरु आयी उड़ान के पायलट ने विमान में फ्यूल कंट्रोल स्विच में खामी की शिकायत की थी। यह एक बोइंग 787-8 विमान था। इसके बाद मंगलवार को नागर विमानन महानिदेशालय के अधिकारियों की मौजूदगी में उस विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की गयी और शेष बोइंग 787 विमानों में भी इस स्विच की जांच शुरू की गयी।
यह वही स्विच है जिसके 'रन' की स्थिति में रहने पर इंजन को ईंधन मिलता रहता है और 'कटऑफ' की स्थिति में रहने पर ईंधन मिलना बंद हो जाता है।
एहतियात के तौर पर सभी बोइंग 787 विमानों के फ्यूल स्विच की जांच शुरू की गयी थी।
एयरलाइंस के एक प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि परिचालन में मौजूद सभी बोइंग 787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच पूरी कर ली गयी है। उन्होंने कहा, "जांच के दौरान कोई समस्या नहीं पायी गयी। हमारे एक पायलट की शिकायत के बाद बेहद सतर्कता बरतते हुए जांच की गयी है।"पायलट ने अपनी शिकायत में लिखा था कि लंदन से उड़ान भरते समय उसने दो बार बाएं फ्यूल कंट्रोल स्विच को 'रन' में डाला लेकिन वह वहां नहीं टिका। तीसरी बार में यह स्विच 'रन' में ही रहा और विमान उड़ान भरने में कामयाब रहा।
पायलट की इस शिकायत से चिंता ज्यादा इसलिए बढ़ गयी थी क्योंकि पिछले साल 12 जून को गुजरात के अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान की प्राथमिक जांच के अनुसार उसका फ्यूल कंट्रोल स्विच किसी कारण से 'कटऑफ' की स्थिति में था। उस हादसे में विमान में सवार 241 लोग और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की असमय मौत हो गयी थी।
उस दुर्घटना के बाद भी डीजीसीए के निर्देश पर एयर इंडिया के सभी बोइंग 787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की गयी थी और कोई खराबी नहीं पायी गयी थी।
प्रवक्ता ने बताया कि एयर इंडिया चालक दल के सभी सदस्यों को फ्यूल कंट्रोल स्विच को हैंडल करने के बारे में विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग की अनुशंसा सभी पायलटों को दोबारा भेजने के नियामक के निर्देश का पालन करेगी।
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