नयी दिल्ली , अप्रैल 07 -- टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

एयरलाइंस ने मंगलवार को बताया कि नये सीईओ की नियुक्ति तक वह पद पर बने रहेंगे। एयर इंडिया बोर्ड ने एक समिति का गठन किया है, जो आने वाले महीनों में उनके उत्तराधिकारी का चयन करेगी।

एयर इंडिया की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि श्री विल्सन ने साल 2024 में ही एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को 2026 में पद छोड़ने की अपनी मंशा से अवगत करा दिया था और तब से वह यह सुनिश्चितकरने में लगे थे कि संगठन और नेतृत्व टीम इस बदलाव के लिए तैयार हो।

श्री चंद्रशेखरन ने पिछले चार साल में श्री विल्सन के नेतृत्व और योगदान के लिए उनकी सराहना करते हुए कहा कि कोविड-19 के बाद आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं, नये विमानों की डिलीवरी में देरी, रेट्रोफिट कार्यक्रमोंपर प्रभाव, भू-राजनीतिक और अन्य चुनौतियां में उन्होंने अपनी टीम के साथ दृढ़ता और संकल्प का परिचय दिया। श्री विल्सन ने कहा कि पिछले चार साल के उनके कार्यकाल में निजीकरण के बाद एयर इंडिया में चार एयरलाइंस का सफल अधिग्रहण और विलय हुआ। इस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र से निजी क्षेत्र की कार्यप्रणालीकी ओर बदलाव हुआ है। नेतृत्व टीम, कार्यबल, संस्कृति और काम करने के तरीकों में भी सुधार हुआ है। इसमें सिस्टम का पूर्ण आधुनिकीकरण, नये उत्पादों की शुरुआत, बेहतर सेवा मानकों का लागू होना, और बेड़े में 100 अतिरिक्त विमानों का शामिल होना भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि इस दौरान महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे जैसे दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी प्रशिक्षण अकादमी, दो फ्लाइट सिमुलेटर सुविधाएं, एक फ्लाइंग स्कूल और एक नयी रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा की शुरुआत भी की गयी है।

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