बड़ौदा , फरवरी 04 -- फ्रांस की विमान बनाने वाली कंपनी एयरबस ने बुधवार को गुजरात के बड़ौदा स्थित गति शक्ति विश्वविद्यालय में वैमानिकी अनुसंधान के लिए उत्कृष्टता केंद्र शुरू करने की घोषणा की।
कंपनी ने बताया कि यह केंद्र सुनियोजित अनुसंधान, नवाचार और प्रतिभा विकास के जरिये देश के वैमानिकी पारितंत्र को प्रोत्साहित करेगा। यहां अनुसंधान का एक प्रमुख विषय हरित विमान ईंधन होगा। यह छात्रों के नेतृत्व में भविष्य की वैमानिकी प्रौद्योगिकी में नवाचार को प्रोत्साहित करेगा।
गति शक्ति विश्व विद्यालय के कोर्ट की सदस्य राजमाता शुभांगिनीराजे गायकवाड़ और कुलपति प्रो. मनोज चौधरी की मौजूदगी में भारत और दक्षिण एशिया के लिए एयरबस के प्रबंध निदेशक जुर्गन वेस्टमीयर ने इस उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया। इसकी घोषणा साल 2024 में की गयी थी।
प्रो. चौधरी ने कहा कि गति शक्ति विश्वविद्यालय उद्योग-प्रेरित और नवाचार-आधारित दृष्टिकोण को हकीकत में बदल रहा है, ताकि पूरे परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए अत्यधिक कुशल मानव संसाधन और नयी प्रौद्योगिकियों का विकास किया जा सके। इस उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन वैमानिकी क्षेत्र के विकास के लिए हमारे साझा मिशन और साझेदारी को साकार करने की दिशा में एक और ठोस कदम है। यह वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
श्री वेस्टरमायर ने कहा कि गति शक्ति विश्वविद्यालय में इस उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन देश में एक सशक्त वैमानिकी पारितंत्र के निर्माण के मिशन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह केंद्र अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार के प्रति एयरबस की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है, जो शहरों के ठोस अपशिष्ट को हरित विमान ईंधन में परिवर्तित करने वाली क्रांतिकारी प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित है।
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