देहरादून , मई 11 -- उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग में सोमवार को अतिथि व्याख्यान और एमबीबीएस बैच- 2025 द्वारा "शरीर क्रिया विज्ञान नवाचार प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी" का सफल आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
अतिथि व्याख्यान में प्रोफेसर सतीश देवपुजारी ने "मेडिकल ऐप्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तक का सफर" विषय पर चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल उपकरणों के विकास पर प्रकाश डाला। जिसमें उन्होंने शिक्षण-अधिगम पद्धतियों, नैदानिक अभ्यास और भविष्य की स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणालियों में एआई की उभरती भूमिका पर विशेष बल दिया गया।
इस अवसर पर आयोजित "शरीर क्रिया विज्ञान नवाचार प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी" का एम्स की निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह, अनुसंधान डीन प्रोफेसर शैलेंद्र हांडू, आमंत्रित वक्ता प्रोफेसर सतीश देवपुजारी, शरीर क्रिया विज्ञान विभाग की प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष प्रोफेसर लतिका मोहन और प्रोफेसर प्रशांत एम. पाटिल ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
इस अवसर पर उपस्थित संस्थान के संकाय सदस्यों में जैव रसायन विभाग की प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष प्रो. अनीसा आतिफ मिर्जा, शरीर रचना विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रो. मुकेश सिंगला, मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर रवि गुप्ता और बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रोफेसर मधुबरी वाथुल्या शामिल थे, जिन्हें आयोजन में नवाचार चुनौती के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
कार्यक्रम में प्रोफेसर सुनीता मित्तल, प्रो. योगेश सिंह, प्रो. अरुण गोयल, प्रो. पूर्वी कुलश्रेष्ठ, डॉ. जयंती पंत आदि ने शिरकत की। कार्यक्रम का डॉ. अश्विनी महादुले और डॉ. दिव्या ह्यांकी ने संयुक्त रूप से सुचारू संचालन किया।
नवाचार चुनौती में 25 टीमों ने अपने प्रोटोटाइप प्रदर्शित किए। एम्स, ऋषिकेश के विभिन्न विभागों से तीन स्वास्थ्य विशेषज्ञों को नवाचार चुनौती के निर्णायक के रूप में आमंत्रित किया गया। छात्रों ने विभिन्न शारीरिक क्रियाविधियों और उनके नैदानिक महत्व को दर्शाने वाले कार्यशील मॉडल और परस्पर क्रियात्मक प्रदर्शन प्रस्तुत करके उत्साहपूर्वक भाग लिया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित