पटना , फरवरी 04 -- विश्व कैंसर दिवस 2026 के अवसर पर, "यूनाइटेड बाय यूनिक" (2025-2027) थीम के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग ने शैक्षणिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की।
इस अवसर पर विभाग का स्थापना दिवस भी मनाया गया।तीन फरवरी को एम्स ऑडिटोरियम में आयोजित निरंतर चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम में प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक, एम्स पटना मुख्य संरक्षक तथा प्रो. (डॉ.) एन. आर. दत्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) प्रीतांजलि सिंह, विभागाध्यक्ष, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग ने विभाग में उपलब्ध कैंसर उपचार सुविधाओं एवं प्रगति की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) एन. आर. दत्ता ने कैंसर उपचार में रेडियोथेरेपी के साथ हाइपरथर्मिया तकनीक के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला और इसे एक प्रभावी एवं उभरता हुआ उपचार विकल्प बताया। सीएमई के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के उपचार पर व्याख्यान दिए गए।
चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर ओपीडी परिसर में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से आम लोगों को कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों, समय पर जांच एवं शीघ्र उपचार के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में बी.एससी. नर्सिंग के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का समापन कैंसर वार्ड में भर्ती मरीजों के बीच फल वितरण एवं वार्ड भ्रमण के साथ हुआ, जो एम्स पटना की रोगी-केंद्रित, संवेदनशील एवं समग्र कैंसर देखभाल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित