पटना , फरवरी 23 -- खिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना में सोमवार को नेत्र बैंक का उद्घाटन किया गया।उद्घाटन सत्र का प्रारंभ प्रो. (डॉ.) अमित राज, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, नेत्र विज्ञान विभाग तथा प्रभारी, नेत्र बैंक के स्वागत भाषण से हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कॉर्नियल अंधत्व के उन्मूलन की तात्कालिक आवश्यकता पर बल दिया तथा जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और स्वैच्छिक नेत्रदान के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सभी हितधारकों से कॉर्निया दान को बढ़ावा देने हेतु एकजुट होने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीन कृष्णा वड्दावल्लि, निदेशक, शांतिलाल सांघवी कॉर्निया संस्थान, एल वी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट, हैदराबाद ने "आई बैंक 2.0" विषय पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने नेत्र बैंकिंग में हालिया प्रगति, आधुनिक कॉर्निया संरक्षण तकनीकों तथा भारत भर में कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं की दक्षता और पहुंच बढ़ाने में प्रौद्योगिकी के एकीकरण पर प्रकाश डाला।

मेडिकल अधीक्षक प्रो. डॉ. अनुप कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए नेत्र बैंक की स्थापना के लिये विभाग के प्रयासों की सराहना की।

संस्थान के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने इस पुनीत पहल की प्रशंसा की तथा क्षेत्र में नेत्रदान को प्रोत्साहित करने और नेत्र सेवाओं को सुदृढ़ करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बल दिया कि संस्थान नेत्र बैंक सेवाओं के विस्तारके लिये हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।

कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. दिव्या केसरवानी, एसोसिएट प्रोफेसर, नेत्र विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। डॉ. सोनी सिन्हा, अतिरिक्त प्रोफेसर, नेत्र विज्ञान विभाग ने मुख्य अतिथि का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया तथा मंचासीन गणमान्य अतिथियों प्रो. (डॉ.) रूचि सिन्हा (डीन, छात्र कल्याण), प्रो. (डॉ.) तिभुवन कुमार (प्रभारी डीन परीक्षा), प्रो. (डॉ.) संजय कुमार पांडेय (प्रभारी डीन अकादमिक) एवं प्रो. (डॉ.) क्रांति भावना (प्रभारी डीन अनुसंधान) का हार्दिक स्वागत किया।

विभाग के अन्य संकाय सदस्य डॉ. देव कांत, डॉ. अमित कुमार सहित रेज़िडेंट चिकित्सक, विभागीय कर्मचारी तथा विभिन्न आईसीयू एवं वार्डों से नर्सिंग अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में पटना एवं बिहार के विभिन्न अस्पतालों से आए नेत्र रोग विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रो. (डॉ.) नागेश्वर शर्मा (विभागाध्यक्ष, नेत्र विज्ञान विभाग, पीएमसीएच ), प्रो. (डॉ.) सुधीर कुमार, डॉ. सुनील सिंह, डॉ. नागेंद्र प्रसाद, डॉ. रवि रंजन, डॉ. अजीत पोद्दार तथा डॉ. अजीत द्विवेदी शामिल थे। इसके अतिरिक्त एम्स पटना के अन्य विभागों के संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।

औपचारिक कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे डॉ. भावेश चंद्र साहा द्वारा प्रस्तुत किया गया।

नेत्र बैंक का यह उद्घाटन कॉर्निया संकलन, संरक्षण एवं प्रत्यारोपण सेवाओं को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करेगा, जिससे कॉर्नियल अंधत्व से पीड़ित मरीजों को नई आशा मिलेगी तथा सामुदायिक स्वास्थ्य एवं सेवा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता और अधिक सशक्त होगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित