देहरादून , फरवरी 09 -- सड़क सुरक्षा के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को उत्तराखंड के देहरादून जनपद अंतर्गत ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
रैली को फ्लैग ऑफ करते हुए एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने वर्चुली संबोधित करते हुए कहा कि ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक रहकर सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। ट्राॅमा के सर्वाधिक मामले सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े होते हैं। ऐसे में मार्गों पर सुरक्षित ड्राईविंग के लिए जरूरी है कि हमें यातायात नियमों की पूरी जानकारी हो और ड्राईविंग करते समय प्रत्येक वाहन चालक जागरूक रहकर ट्रैफिक नियमों का पूरी तरह से पालन करे। उन्होंने कहा कि साल दर साल वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं लेकिन नियमों के प्रति जागरूक रहकर इनमें कमी लायी जा सकती है।
डीन एकेडेमिक प्रो. सौरभ वार्ष्णेय ने दुपहिया सवार चालकों और काॅलेज छात्र-छात्राओं को भी इस अभियान से जोड़ने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने कहा कि खासतौर से टीन एज युवा वर्ग और काॅलेज के छात्रों को यातायात नियमों के प्रति प्रशिक्षण दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दुपहिया सवारों के लिए हेलमेट का पालन सख्ती से होना चाहिए।
कार्यक्रम संयोजक व संस्थान के ट्राॅमा सर्जन डाॅ. मधुर उनियाल ने इस अभियान को प्रत्येक जनपद में संचालित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि रैली का उद्देश्य दुर्घटनाओं को कम करना और यातायात नियमों के प्रति आम लोगों को जागरूक करना है। कार्यक्रम को ट्राॅमा विभाग के हेड प्रो. कमर आजम, जाने माने न्यूरो सर्जन प्रो. के. गणपथि ने भी संबोधित किया। इस दौरान एआरटीओ ऋषिकेश रश्मि पंत और रावत सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आम लोगों को नियंत्रित गति से वाहन चलाने, सीट बैल्ट का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाईल फोन का उपयोग न करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने और दुपहिया चलाते समय अनिवार्य तौर से हेलमेट पहिनने के प्रति प्रेरित किया। साथ ही सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा के तहत यातायात नियमों का पालन करने हेतु शपथ भी दिलायी।
एम्स के गेट नम्बर 2 से निकाली गयी यह रैली कोयल घाटी तिराहे से होते हुए नैपाली फार्म में समाप्त हुई। जिसमें लोनिवि, यातायात पुलिस, परिवहन विभाग के प्रतिनिधियों सहित एम्स की चीफ नर्सिंग ऑफिसर अनिता रानी कंसल, पीआरओ डॉ. श्रीलोय मोहंती, ट्राॅमा विभाग से डीएनएस उमेश शर्मा, नर्सिंग ऑफिसर विनय पाल सिंह भाटी, शशिकान्त, अखिलेश उनियाल, ताराचंद, आदि शामिल रहे।
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