ऋषिकेश , दिसंबर 11 -- उत्तराखंड के रिषीकेश एम्स में खेल एवं जोड़ों की चोटों के उन्नत उपचार के लिए समर्पित स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक संचालित किया जा रहा है, जिससे विशेष रूप से युवा और खिलाड़ी लाभान्वित हो रहे हैं।

ट्रॉमा सेंटर स्थित ओपीडी एरिया से संचालित यह क्लिनिक सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सेवाएं देता है, जिसमें कंधे, घुटने, कूल्हे, टखने सहित लिगामेंट व टेंडन की चोटों का उपचार व सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है।

उल्लेखनीय है कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान एम्स को चोट प्रबंधन के लिए अधिकृत किया गया था और तब से संस्थान की टीम कई खिलाड़ियों का सफल उपचार कर चुकी है। हाल ही में कंधा व घुटना एंडोस्कोपी-ऑर्थोस्कोपी कोर्स आयोजित कर इस क्लिनिक की क्षमताओं को और बढ़ाया गया है। एम्स प्रशासन का कहना है कि बाइक दुर्घटनाओं से लगी चोटों से लेकर गंभीर लिगामेंट डैमेज तक, अब मरीजों को उन्नत चिकित्सा व पुनर्वास सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं।

प्रो. कमर आज़म विभाग अध्यक्ष ट्रामा सर्जरी ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि फिसलने या सड़क दुर्घटना में घुटने व लिगामेंट की चोटें आम हैं। ऐसे सभी घायलों के अलावा कंधे, घुटने, कूल्हे, टखने की समस्याओं से जूझ रहे मरीजों का उपचार यह क्लिनिक सप्ताह में तीन दिन ट्रॉमा सेंटर के भूतल पर करता है।

एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य खिलाड़ियों और आम मरीजों को उन्नत उपचार व पुनर्वास देकर उन्हें शीघ्र स्वस्थ करना है। एम्स देश का एकमात्र संस्थान है जहाँ पिछले पाँच वर्षों से स्पोर्ट्स इंजरी में एमसीएच की डिग्री प्रदान की जा रही है। लोग इन उन्नत सुविधाओं का लाभ लें।

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