भोपाल , दिसंबर 3 -- मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीआरडीसी) के प्रबंध संचालक भरत यादव ने निगम के अधीन सभी पुलों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि 8 दिसंबर तक प्रत्येक पुल का निरीक्षण कर निर्धारित प्रारूप में संपूर्ण विवरण और जियो-टैग फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजी जाए, जिससे पुलों की संरचनात्मक स्थिति का समय पर मूल्यांकन किया जा सके।

श्री यादव ने तकनीकी और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक क्षतिग्रस्त एवं असुरक्षित पुलों पर जिला प्रशासन की अनुमति लेकर आवागमन पूर्णत: रोका जाए और आवश्यक होने पर वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएं। मरम्मत और सुधार कार्य केवल अनुभवी एजेंसियों के माध्यम से कराए जाने तथा ब्रिज विशेषज्ञों की निगरानी अनिवार्य किए जाने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि बहुत खराब और खराब श्रेणी के सभी पुलों पर चेतावनी साइनबोर्ड और स्पीड ब्रेकर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। नए पुल चालू होने के बाद पुराने क्षतिग्रस्त पुलों पर आवागमन बंद किया जाए। इसके अतिरिक्त, पुलों की डेक व ड्रेनेज सिस्टम, विस्तार जोड़ों, स्कॉरिंग, संरचनागत क्षति, बियरिंग्स और सुपर स्ट्रक्चर की नियमित जांच एवं सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।

एमपीआरडीसी के मुख्यालय को प्रत्येक निरीक्षण और मरम्मत कार्य का तकनीकी प्रमाणन, जियो-टैग फोटो और विस्तृत पालन प्रतिवेदन भेजने के निर्देश भी अनिवार्य किए गए हैं। जो पुल एमपीआरडीसी के अंतर्गत नहीं हैं, लेकिन खराब स्थिति में पाए गए हैं, उनकी जानकारी संबंधित विभागों को तुरंत भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

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