नयी दिल्ली , फरवरी 04 -- रक्षा क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने अत्याधुनिक उन्नत मीडियम लड़ाकू विमान (एमका) कार्यक्रम के तहत लड़ाकू विमान बनाने की दौड़ से उसके बाहर होने की मीडिया में आई खबरों पर संतुलित प्रतिक्रिया करते हुए कहा है कि अभी उसे इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई सूचना नहीं मिली है।

एचएएल ने मीडिया में आई रिपोर्टों के बाद स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि ये रिपोर्ट उसके संज्ञान में आयी है लेकिन इस विषय में उसे अब तक कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए इस स्थिति में वह वह इन पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है। उसने कहा है कि वह सभी हितधारकों को सभी कार्यक्रमों की पूरी जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि यह विमान बनाने के लिए निजी क्षेत्र की तीन कंपनियों के कंर्सोटियम को चुना गया है।

एचएएल ने कहा है कि वह यह दोहराना चाहता है कि उसके पास एक मज़बूत और पुष्ट ऑर्डर बुक है जो 2032 तक पूरे किये जाने हैं।

उपक्रम ने कहा है कि वह एक साथ कई रणनीतिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहा है, जिनमें इंडियन मल्टी रोल हेलिकॉप्टर , एलसीए मार्क दो और कॉम्बैट एयर टीमिंग सिस्टम शामिल हैं, जो इसकी तकनीकी क्षमताओं और दीर्घकालिक विकास संभावनाओं को और सुदृढ़ करेंगे। इन कार्यक्रमों के 2032 के बाद उत्पादन चरण में प्रवेश करने की उम्मीद है।

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