जालंधर , फरवरी 01 -- लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू, उपाध्यक्ष अरविंद धूमल व महासचिव ओम प्रकाश गुप्ता ने रविवार को एक संयुक्त बयान में कहा कि बजट 2026-27 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को भारतीय अर्थव्यवस्था के दूसरे इंजन के रूप में मान्यता दी गयी है।

बयान में कहा गया कि इस बजट में लघु उद्योग भारती के सुझावों को मिला समुचित समर्थन मिला है। यह बजट राष्ट्रीय कर्तव्यों और समावेशी आर्थिक विकास के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

लखपति दीदी योजना महिला उद्यमिता को सशक्त बनाने, पारिवारिक आय बढ़ाने और महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई के विस्तार में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

श्री दादू के अनुसार, एमएसएमई केंद्रित सुधारों और वैश्विक क्षमता निर्माण के प्रति दृष्टिकोण सराहनीय है। क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर से संबंधित प्रतिबंधों एवं आदेशों से भारतीय एमएसएमई की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी तथा अनावश्यक अनुपालन बोझ कम होगा।

श्री धूमल ने कहा कि यह वैश्विक स्तर पर क्षमता निर्माण का बजट है, जहां सशक्त एमएसएमई देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। यह बजट एमएसएमई की दीर्घकालिक ऋण समस्याओं का समग्र समाधान प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि 10 हज़ार करोड़ की एसएमई विकास निधि से उच्च क्षमता वाले एमएसएमई को इक्विटी सहायता मिलेगी और वे राष्ट्रीय एवं वैधिक स्तर पर आगे बढ़ सकेंगे।

विक्रांत शर्मा ने कहा कि लघु उद्योग भारती के सुझावों को मिला समुचित समर्थन मिला है। लघु उद्योग भारती विनिर्माण आधारित विकास पर दिए गए विशेष बल का स्वागत करता है।

श्री गुप्ता ने कहा कि कॉर्पोरेट मित्र योजना, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के अनुपालन व्यय को कम करने में सहायक होगी। सीमा शुल्क का युक्तिकरण, उलटी शुल्क संरचना में सुधार तथा तेज जीएसटी रिफंड, जिससे कार्यशील पूंजी मुक्त होगी। लघु उद्योग भारती इस समिति में अपना प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग करता है, ताकि जमीनी स्तर की एमएसएमई वास्तविकताओं को नीतिगत निर्णयों में शामिल किया जा सके।

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