हैदराबाद , फरवरी 21 -- केन्द्रीय कोयला एवं खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने हैदराबाद के पास गाचिबोवली में फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) के पांचवें दीक्षांत समारोह को शनिवार को संबोधित करते हुए स्नातकों और संकाय सदस्यों को बधाई दी तथा भारत के फुटवियर और चमड़ा उद्योग को सशक्त बनाने में संस्थान की भूमिका की सराहना की।

श्री रेड्डी ने एलआईडीसीओपी नाइलेक्स परिसर स्थित इंस्टीट्यूट में कहा कि एफडीडीआई कौशल विकास, मानक निर्धारण, नवाचार को बढ़ावा देने और फुटवियर एवं लेदर उद्योग में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर उत्पादक देश है, जहां प्रतिवर्ष 2.5 अरब से अधिक जोड़ी जूते बनाए जाते हैं। इस क्षेत्र का बाजार आकार 26 से 30 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच है और यह लगभग 45 लाख लोगों को रोजगार प्रदान करता है, जिनमें अधिकांश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) से जुड़े हैं।

मंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती और निर्यात प्रोत्साहनों से भारतीय फुटवियर वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बना है। उन्होंने घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने, कारोबार सुगमता बढ़ाने और पारंपरिक शिल्पकला को संरक्षित रखते हुए "लोकल टू ग्लोबल" ब्रांडिंग को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।

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