सतारा , दिसंबर 20 -- कांग्रेस नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शनिवार को कहा कि विवादित ' एपस्टीन फाइल्स' में पूर्व राजनयिक एवं मौजूदा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नाम के उल्लेख पर मोदी सरकार को जवाब देना चाहिए।
श्री चव्हाण ने महाराष्ट्र के सतारा में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि एपस्टीन इजरायल का जासूस था और कई अमीर अमेरिकी उसके संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि एक समय अमेरिका में राजनयिक ड्यूटी पर रहे श्री पुरी का नाम भी एपस्टीन के ईमेल में आया है। सरकार को इसके बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए।
उन्होंने दावा किया, " प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2014 में एपस्टीन के संपर्क में आए थे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन ने जेफरी एपस्टीन से संपर्क किया था क्योंकि वह श्री मोदी से मिलना चाहते थे।" उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइलों में लगभग 30 साल का डाटा है, जिसमें ईमेल, चिट्ठियां, तस्वीरें, वीडियो रिकॉर्डिंग और ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक रिकार्ड आदि शामिल हैं। यह सामग्री एपस्टीन के खिलाफ मामलों में सबूत के तौर पर पेश की गयी हैं। ये सामग्री अब अमेरिकी न्याय विभाग के पास हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, " अमेरिका में अटॉर्नी जनरल राष्ट्रपति के अधीन काम करता हैऔर मौजूदा अटॉर्नी जनरल को श्री ट्रंप ने छह महीने पहले नियुक्त किया था। ये सभी दस्तावेज़ उनके पास हैं।" उन्होंने कहा कि यह मामला 1995-96 से चल रहा है और इसकी जानकारी धीरे-धीरे अमेरिका में 2005 और 2010 में सामने आई।
उन्होंने कहा, "एपस्टीन किशोरियों को बहला-फुसलाकर उनका यौन शोषण करता था और उन्हें बड़े लोगों के पास भेजता था। इस कारण कई किशोरियों ने उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराये हैं। एपस्टीन न्यूयॉर्क की एक अति सुरक्षित जेल में कैद था और उसी दौरान अगस्त 2019 में उसकी मौत हो गयी। इस बारे में अभी भी कोई साफ जवाब नहीं है कि एपस्टीन ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी या वह हत्या का मामला था।"श्री चव्हाण ने कहा, " यह मामला इतना इतना तूल पकड़ गया कि (राष्ट्रपति ट्रंप को बचाने के लिए) इसे दबाना वहां दोनों पार्टियों के सांसदों के लिए असंभव हो गया। अमेरिकी मतदाताओं ने धमकी दे दी कि अगर इस मामले को दबाया गया, तो इन दलों को अगले चुनाव में इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इस माहौल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट- दोनों दलों के सांसद एपस्टीन प्रकरण से संबंधित सभी दस्तावेज़, तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक करने के लिए मजबूर हुए। इन दस्तावेजों को 'एपस्टीन फाइल्स' के नाम से जाना जाता है।"महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री रह चुके चव्हाण ने इस माह के शुरू में सोसल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि अगर जेफरी एपस्टीन फाइल में बताए गए नाम सार्वजनिक हो जाते हैं, तो इससे भारत में राजनीतिक भूकंप आ सकता है और एक 'मराठी ' भारत का प्रधानमंत्री बन सकता है। उनसे बाद में कराड में संवाददाताओं ने जब उस 'मराठी व्यक्ति' के नाम के बारे में पूछा तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि अब इसका पता आप लगाइए।
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