भोपाल , जनवरी 21 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में फर्जी अस्पतालों और अवैध नर्सिंग कॉलेजों के संचालन से जुड़े एक गंभीर मामले में अब राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की शिकायत के बाद राज्य साइबर सेल ने भोपाल पुलिस उपायुक्त (क्राइम) को जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार द्वारा दी गई लिखित शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एनआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज और उससे संबद्ध अस्पताल की वैधता को लेकर की गई जांच में सीएमएचओ कार्यालय के अधिकारियों ने फर्जी और कूटरचित निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की। इस मामले में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत और चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक सेन द्वारा बिना मौके का वास्तविक निरीक्षण किए झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आरोप है, जिससे शासन और नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल को गुमराह किया गया।

एनएसयूआई का कहना है कि मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के निर्देश पर सीएमएचओ भोपाल को निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने तथ्यों को छिपाकर फर्जी प्रतिवेदन सौंप दिया। इस पूरे मामले के ठोस साक्ष्य संगठन द्वारा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए हैं।

एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि 12 दिसंबर 2025 को दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह प्रतीत होता है कि दोषी अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही एनआरआई नर्सिंग कॉलेज, उससे संबद्ध अस्पताल और जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो एनएसयूआई प्रदेश स्तर पर आंदोलन तेज करेगी और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निवास का घेराव किया जाएगा। राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने के बाद अब इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

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