दंतेवाड़ा , दिसंबर 27 -- छत्तीसगढ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल क्षेत्र में एनएमडीसी प्रबंधन पर एक 25 वर्षीय युवक की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। मृतक की माँ लक्ष्मी देवी ने कंपनी के कार्मिक विभाग और प्रबंधन पर समय पर भुगतान नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भुगतान नहीं करने पर उनके बेटे का इलाज नहीं हो सका और उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

पीड़िता लक्ष्मी देवी के अनुसार, उनका छोटा बेटा अजय ठाकुर (भोला) एनएमडीसी से जुड़े कार्यों में संलग्न था। आरोप है कि एनएमडीसी अधिकारियों ने श्रमिकों का भुगतान अजय के माध्यम से करवाया लेकिन बाद में तुगलकी फरमान जारी कर उसका भुगतान रोक दिया गया। लंबे समय तक मेहनताना न मिलने से अजय मानसिक तनाव और अवसाद में चला गया। आर्थिक तंगी के कारण समय पर इलाज संभव नहीं हो पाया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पीड़िता ने बताया कि अजय गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। इलाज के लिए उन्होंने कई बार एनएमडीसी प्रबंधन और कार्मिक विभाग से गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इलाज के खर्च के लिए उन्हें अपने जेवर तक बेचने पड़े, इसके बावजूद पर्याप्त धन न होने के कारण बेहतर इलाज नहीं मिल सका।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित