ईटानगर , अप्रैल 25 -- भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर, बालकृष्ण गोयल ने शनिवार को ईटानगर स्थित लोक भवन में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक से मुलाकात की और राज्य में मानवाधिकार और सामाजिक कल्याण से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक के दौरान, दोनों गणमान्य व्यक्तियों ने अरुणाचल प्रदेश में मानवीय गरिमा को बढ़ावा देने, अधिकारों की रक्षा करने और समावेशी सामाजिक विकास को मजबूत करने के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

राज्यपाल ने राज्य में मानवाधिकारों की मौजूदा स्थिति के बारे में एनएचआरसी के विशेष मॉनिटर को अवगत कराया जिसमें राज्य की मजबूत आदिवासी संस्कृति, समुदाय-आधारित परंपराओं और सामंजस्यपूर्ण सामाजिक ताने-बाने पर प्रकाश डाला गया, जो गरिमा, आपसी सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी को बनाए रखने में सहायक हैं।

उन्होंने राज्य सरकार द्वारा बच्चों और बुजुर्गों के कल्याण एवं संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए की गई विभिन्न पहलों के साथ-साथ गैर-सरकारी संगठनों के योगदान की भी रूपरेखा प्रस्तुत की।

राज्यपाल ने सतत जनसंपर्क की आवश्यकता पर बल देते हुए पूरे राज्य में नियमित जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया ताकि सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जा सके, समुदायों को संवेदनशील बनाया जा सके और समाज के कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी तंत्र को सुदृढ़ किया जा सके।

श्री गोयल बाल अधिकारों एवं बुजुर्ग नागरिकों के लिए एनएचआरसी के विशेष मॉनिटर हैं और उन्होंने राज्यपाल को उन क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी जिनमें अधिक ध्यान और केंद्रित हस्तक्षेप की आवश्यकता है जिसमें सुरक्षा संरचना को मजबूती प्रदान करना और जरूरतमंद लोगों के लिए सहायता प्रणालियों में सुधार करना शामिल है।

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