चेन्नई , दिसंबर 16 -- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के दिवंगत पदाधिकारी रामलिंगम के 2019 के हत्याकांड में शामिल दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एजेंसी ने सोशल मीडिया पर बताया कि गिरफ्तार किए गए दो लोग छठा फरार आरोपी और एक शरण देने वाला था। एजेंसी ने छह फरार घोषित अपराधियों (पीओएस) में से आखिरी को पकड़ लिया है और इस मामले में एक और शरण देने वाले को भी गिरफ्तार किया है।
इसमें कहा गया है कि तमिलनाडु के तंजावुर जिले के मोहम्मद अली जिन्ना को फरार अपराधी घोषित किया गया था और 5 फरवरी, 2019 को जिले में रामलिंगम की प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्यों द्वारा हत्या किए जाने के बाद से उसकी गिरफ्तारी के लिए उसके सिर पर पांच लाख रुपये का इनाम भी था।
एजेंसी की जांच में पूर्व पीएफआई तंजावुर जिला अध्यक्ष जिन्ना की भूमिका का खुलासा हुआ,जिसने इस क्रूर हत्या में अन्य आरोपियों के साथ साजिश रचने, निगरानी करने और समन्वय करने में भूमिका निभाई थी।
एजेंसी ने तमिलनाडु पुलिस की एआरएस इकाई से मिली जानकारी के आधार पर जिन्ना को धर दबोचा और मंगलवार को असमत को भी गिरफ्तार किया, जिसने पिछले सात सालों से इस मामले में पीओएस को शरण दी थी।
एजेंसी ने ठीक पांच दिन पहले इस मामले में दो और फरार अपराधियों तथा तीन अन्य शरण देने वालों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए मोहम्मद नूरहानुद्दीन और मोहम्मद नबी हसन थे, जो तंजावुर के रहने वाले हैं। उन्हें फरार अपराधी धोषित किया गया था और वे पिछले सात सालों से फरार थे।
उन्हें वेल्लोर जिले के पल्लीकोंडा से एजेंसी को सहयोगी एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर पकड़ा गया था। इसमें कहा गया है कि पीएफआई की जिला इकाई के दोनों सदस्यों ने रामलिंगम की हत्या करने के लिए उसके हाथ काटने की साजिश रची और कई अन्य लोगों के साथ समन्वय किया।
एजेंसी ने उनकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में शामिल तीन और शरण देने वालों को भी गिरफ्तार किया। वे चेन्नई के के मोहिदीन, मोहम्मद इमरान और थमीम अंसारी थे और उन्हें हत्या के बाद फरार आरोपियों को छिपाने तथा मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
एजेंसी ने 7 मार्च, 2019 को तिरुविदैमरुथुर पुलिस से जांच अपने हाथ में ले ली थी और अगस्त 2019 में आरोपपत्र दाखिल किया था। एजेंसी ने कहा कि वह हत्या के पीछे की साजिश के एंगल पर अपनी जांच जारी रखे हुए है।
उल्लेखनीय है कि दिवंगत रामलिंगम पीएमके के तंजावुर जिला इकाई के पूर्व सचिव थे। फरवरी 2019 में जबरन धर्मांतरण का विरोध करने पर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
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