शिमला , फरवरी 17 -- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के एक सहायक प्रोफेसर के खिलाफ फर्जी अंक तालिका जमा कराने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
सत्यापन में पता चला कि सहायक प्रोफेसर ने अपनी नियुक्ति के समय 12वीं कक्षा की नकली अंकतालिका जमा की थी।
एचपीयू रजिस्ट्रार ज्ञान सागर नेगी की लिखित शिकायत के बाद बालूगंज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। आरोपी विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र (सीडीओई) में लोक प्रशासन विभाग में सहायक प्रोफेसर के तौर पर काम कर रहा है।
शिकायत के मुताबिक, विश्वविद्यालय ने 18 फरवरी, 2025 को शिक्षक के अपनी भर्ती प्रक्रिया के दौरान जमा किये गये दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया। 12वीं कक्षा की अंकतालिका सत्यापन के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड को भेजी गयी थी। जांच के दौरान, कथित तौर पर यह सामने आया कि जमा की गयी अंकतालिका में दिखाया गया था कि शिक्षक सभी विषयों में पास था, जबकि बोर्ड के रिकॉर्ड से पता चला कि वह तीन विषय में फेल था।
यह गड़बड़ी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने उनसे कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा, लेकिन, जवाब ठीक नहीं पाया गया। नियमों के मुताबिक बाद में एक औपचारिक शिकायत दर्ज की, जिसके बाद धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव ने मामला दर्ज किये जाने की पुष्टि की और कहा कि जांच चल रही है।
इस बीच, आरोपी ने इन आरोपों से इनकार किया है और दावा किया है कि शुरुआती बोर्ड रिकॉर्ड में सिर्फ प्रायोगिक अंक दिखाये गये थे, सैद्धांतिक अंक नहीं। उसने कहा कि विश्वविद्यालय को एक संशोधित अंकतालिका जमा की गयी थी और वह कानूनी तरीकों से इस मामले को समाधान करेगा।
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